कोरोना के चलते दो साल बाद शुरू हो रहे प्रसिद्ध मेले के प्रति श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। रोजाना प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भक्तों का जम्मू के झिड़ी पहुंचना जारी है। रविवार को 20 हजार से अधिक भक्तों ने मेला स्थल पर पहुंच कर मंदिर में हाजिरी लगाई है। इस कारण जहां दिनभर बाबा जित्तो और बुआ कोड़ी के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर कतारें लगी रहीं, वहीं रात को मेला स्थल भजन-कीर्तन से गूंजता रहा है। उधर, मेला स्थल पर काफी रौनक है।
झिड़ी में बाबा जित्तो और बुआ कोड़ी के दरबार में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ा है। दो साल बाद बिना किसी पाबंदी के लोगों ने बाबा जित्तो और बुआ कोड़ी के दर्शन किए। इस बार झिड़ी मेले में श्रद्धालुओं के रात को रुकने के लिए प्रशासन की ओर से टेंट की व्यवस्था की है।
रविवार को कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी-चतुर्दशी पर मंदिर में श्री रामायण जी का पाठ आरंभ हुआ, जिसे सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु की भीड़ लगी रही। देर रात दूसरे राज्य से आए श्रद्धालुओं ने टेंट में भजन-कीर्तन कर भक्तिमय माहौल कर दिया।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर में चौकियां भी भरीं। देर रात तक दूसरे राज्यों से श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। इस बार मेला कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले ही शुरू दिया गया है। लेकिन स्नान करने वालों की भीड़ बाबा तालाब में मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ेगी।
इस दौरान श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। वहीं, कई बिरादरियों की मेल भी होगी। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मेला स्थल पर लंगर और खाने-पीने के स्टाल भी लगाए गए हैं।
मेले के चलते गन्ना व्यापारियों के खिले चेहरे
मेले के चलते गन्ना व्यापारियों के चेहर खिल उठे हैं। गन्ना व्यापारी अशोक कुमार और रोशन कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते 2019 के बाद झिड़ी मेला न लगने के कारण दो साल गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने चार से पांच रुपए में गन्ना भेजा था। लेकिन इस बार झिड़ी मेले लगने के कारण एक गन्ने का दाम 40 रुपए हैं। पिछले दो सालो के नुकसान की भरपाई इस बार पूरी हो जाएगी।
दमकल विभाग ने मॉक कर व्यवस्थाओं को किया पुख्ता
झिड़ी मेले के आगाज से पहले दमकल विभाग ने रविार को दो जगहों पर मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया है। साथ ही आपदा से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। इस मौके पर इसमें एसडीएम मढ़, एसपी ग्रामीण, एसडीपीओ दोमाना, एसएचओ कानाचक, तहसीलदार मढ़, बीडीओ मढ़ आदि अधिकारी मौजूद रहे।