वित्तमंथन के तहत बजट पर हुई चर्चा के दौरान प्रतिभागी फोटो आईआईएम
जम्मू। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू में वार्षिक बजट चर्चा कार्यक्रम वित्तमंथन 2025 का आयोजन हुआ। निधि-द कॉरपोरेट फाइनेंस क्लब और अर्थ-द इकोनॉमिक्स क्लब के सहयोग से हुए कार्यक्रम में केंद्रीय बजट और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर होने वाली प्रभावों पर चर्चा की गई। आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बीएस सहाय के नेतृत्व में पैनल चर्चा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें आयकर विभाग के सेवानिवृत्त मंजुल रायजादा, जम्मू विवि के प्रो. दीपांकर सेनगुप्ता, आईआईटी जम्मू के अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर मीनाक्षी राजीव और आईआईएम जम्मू के वित्त एवं लेखा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार शामिल थे। विशेषज्ञों ने केंद्रीय बजट 2025 की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया। वित्त, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक नीति निर्माण जैसे क्षेत्रों पर इसके संभावित प्रभाव का पता लगाया। बजटीय आवंटन और आर्थिक विकास पर उनके प्रभावों पर भी बात की। राजकोषीय नीतियों, कराधान सुधार, सार्वजनिक व्यय और निवेश रणनीतियों पर गहन चर्चा की। ब्यूरो