जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) में राजस्व संग्रह वृद्धि में जम्मू-कश्मीर उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों से आगे है। सितंबर में जम्मू-कश्मीर में 32 फीसदी की रिकार्ड राजस्व संग्रह वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय स्तर के कुल 1.63 लाख करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का 14 प्रतिशत हिस्सा है। कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर ने जीएसटी राजस्व संग्रह वृद्धि में बेहतर प्रदर्शन किया है।
प्रदेश ने सितंबर में वर्ष 2022 के 428 करोड़ रुपये की तुलना में 32 फीसदी की वृद्धि के साथ 563 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व संग्रह जुटाया है। इस माह हिमाचल प्रदेश वर्ष 2022 में 712 की तुलना में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 784, पंजाब 1710 करोड़ रुपये की तुलना में 9 फीसदी की वृद्धि के साथ 1866, चंडीगढ़ 206 करोड़ रुपये की तुलना में 6 फीसदी की वृद्धि के साथ 219 करोड़, उत्तराखंड 1300 करोड़ रुपये की तुलना में 7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1392 करोड़ जीएसटी राजस्व संग्रह एकत्रित किया है।
वहीं, हरियाणा 7403 करोड़ की तुलना में 8 फीसदी की वृद्धि से 8009 करोड़, दिल्ली 4741 करोड़ की तुलना में 2 फीसदी की वृद्धि से 4849 करोड़, राजस्थान 3307 करोड़ की तुलना में 17 फीसदी की वृद्धि से 3869 करोड़ और उत्तर प्रदेश 7004 करोड़ रुपये की तुलना में 12 फीसदी की वृद्धि के साथ 7844 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है।
हर माह की 20 तारीख को व्यापारी सहित अन्य वर्ग जीएसटी राजस्व के लिए रिटर्न भरते हैं। इसके बाद निर्धारित जुर्माना लगाया जाता है। राज्य कर विभाग के विश्लेषणात्मक विंग की सतर्कता बढ़ने से जीएसटी राजस्व वृद्धि में मदद मिली है। इस साल राष्ट्रीय स्तर पर भी पिछले साल की तुलना में अप्रैल से अब तक लगभग हर माह में जीएसटी राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है। चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि जीएसटी संग्रह में वृद्धि स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसमें सुनिश्चित किया जाए कि इसमें व्यापारी वर्ग पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें लाभ दिए जाएं।