Jammu Kashmir Recruitment Scam
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जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं ने जम्मू में यूथ अंगेस्ट करप्शन (वाईएसी) मूवमेंट के बैनर तले प्रेस वार्ता की। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर विभिन्न पेपर लीक घोटाले में सख्त कार्रवाई करने में विफल रहने पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भर्तियों में घोटाले पर अब कोई रहस्य नहीं है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में चार परीक्षाएं अनियमितताओं के कारण रद्द कर दी गई थीं।
यूटी सरकार भले ही नौकरियां दे रही है, लेकिन पिछले चार साल और कोरोना के दो साल बाद से वे नौकरियां केवल कागजों में हैं। एलजी प्रशासन पर से युवाओं का भरोसा उठ रहा है। उन्होंने कहा कि 8 जुलाई को अपने बयान में एलजी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन यह सिर्फ एक बयान लगता है। उसके बाद सीबीआई ने न तो परीक्षा से वंचित उम्मीदवारों की सूची प्रदान की और न ही जेकेएसएसबी ने इसके लिए अनुरोध किया। परिणामस्वरूप प्रत्येक घोटालेबाज को परीक्षा में बैठने दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ब्लैक लिस्ट में डाली गई कंपनी का बचाव कर रही है। विंकल शर्मा ने कहा कि हम युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ पेपर लीक के लिए समर्पित एक सख्त कानून को तत्काल अधिनियमित करने की मांग करते हैं, जिसमें निजी और सरकारी कर्मचारियों को दंडित करने का प्रावधान हो। अतुल सूदन ने जेकेपीएसआई मामले में सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाया और इस भर्ती माफिया को जेकेयूटी के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से रोकने की मांग की।