नवरात्रि होने पर भक्तों की संख्या हजारों में पहुंची थी। मंदिर परिसर से लेकर भवन तक लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के कपाट तड़के चार बजे से खुल गए थे। आष्टमी बड़ी संख्या में लोग कन्या पूजन करते हैं। कुछ लोगों ने मंदिर में ही कन्या पूजन की।
अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के अवसर पर आने वाली दुर्गा अष्टमी को महा अष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा होती है। अष्टमी तिथि पर 2 से 10 साल की उम्र की नौ कन्याओं की पूजा,भोजन और उपहार देते हुए दुर्गा मां की पूजा की जाती है। मान्यता है 2 से 10 साल की उम्र तक की कन्याओं में मां दुर्गा का वास होता है।
Baramulla: गृहमंत्री के दौरे से पहले टारगेट किलिंग की कोशिश, आतंकियों ने बैंक प्रबंधक पर की फायरिंग