संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन, धन से सेवा व भक्ति करे। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम और भक्ति से ही संभव है।
यह ज्ञान कथावाचक माता नीतू ने पुरखू कैंप गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन संगत को दिया।
उन्होंने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया।
उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने स्तनपान के माध्यम से पूतना का वध कर उसका कल्याण किया। माता यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण को पूतना के पास से उठाने के बाद पंचगव्य गाय के गोबर, गोमूत्र से स्नान करवाया।
इसलिए सभी को गो माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए।
गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा हो जाती है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित भजन सुनाए गए।
कथा के अंत में भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। सात दिवसीय कथा का समापन एक फरवरी को को होगा।