जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कोर बैटल स्कूल (सीबीएस) भालरा, भद्रवाह का दौरा किया। यहां पर सेना और पुलिस के 1100 परिवीक्षाधीन डीएसएसपी व एसआई का प्रशिक्षण जारी है। इसका उद्देश्य देनों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ावा देना है। डीजीपी ने कहा कि बहुत कम लोगों को वर्दी पहनने और देश की सेवा करने का मौका मिलता है। हजारों उम्मीदवारों में कुछ का चुना जाना बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि में कोई उपदेश नहीं दे रहा बल्कि लंबे अनुभव से कुछ विचार हैं कि खुश और सफल होने के लिए, भगवान के आशीर्वाद के साथ व्यक्ति को आजीवन सीखने की चाह रखनी होगी।
डीजीपी ने कहा कि सभी का मूल्यांकन तीन आधारों पर किया जाता है। नियत, मेहनत और काबलियत। जबकि पहले दो हमारे नियंत्रण में हो सकते हैं, लेकिन अंतिम आंशिक रूप से ईश्वर प्रदत्त है। हालांकि, इसे भी एक अभियान द्वारा बदला जा सकता है और सीखने का प्रयास किया जा सकता है। इस प्रशिक्षण स्कूल और भारतीय सेना भरपूर लाभ उठाया चाहिए। डीजीपी ने कोर बैटल स्कूल के कमांडेंट कर्नल प्रवीण कुमार और अनुभवी प्रशिक्षकों को धन्यवाद किया। इस दौरान एडीजीपी जम्मू आनंद जैन, रेंज डीआइजी श्रीधर पाटिल, एसएसपी डोडा जावेद मीर, सीओ आईआरपी 5 बटालियन जीएच जिलानी वानी और अन्य स्थानीय पुलिस अधिकारियों मौजूद रहे।