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Jammu News: बीएसएफ ने बॉर्डर ट्रैक पर ट्रैक्टर ले जाने से रोकने पर आक्रोशित किसानों ने किया प्रदर्शन

Thu, 06 Jul 2023 07:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अरनिया। अरनिया क्षेत्र के गांव चांनना में चिनाज पोस्ट पर बुधवार दोपहर को किसानों और बीएसएफ के बीच कहासुनी का मामला सामने आया है। चिनाज पोस्ट के असिस्टेंट कमांडेंट वीरेंद्र कुमार ने किसानों को बॉर्डर ट्रैक पर हुई बारिश के चलते ट्रैक्टर न चलाने के लिए कहा था। बुधवार को बॉर्डर ट्रैक से खेतों में जा रहे ट्रैक्टरों को रोककर वापस भेज दिया गया। इससे किसानों में रोष पैदा हो गया। देखते ही देखते काफी संख्या में किसान चिनाज पोस्ट के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। बीएसएफ के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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किसानों ने असिस्टेंट कमांडेंट विरेंद्र कुमार को लोगों से मिलने के लिए बाहर बुलाने की मांग की। बीएसएफ के अन्य अधिकारी लोगों को समझा रहे थे, परंतु लोग असिस्टेंट कमांडेंट वीरेंद्र कुमार कुमार से बात करने पर अड़े रहे। उसके बाद 10 किसान पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह, यशपाल तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में असिस्टेंट कमांडेंट वीरेंद्र कुमार से अंदर मिलने के लिए गए। वहां पर उनके बीच वार्तालाप हुआ। वीरेंद्र कुमार ने किसानों को बताया कि बारिश के चलते ट्रक गीला हो गया है। अगर वहां पर ट्रैक्टर छोड़ दिए जाते हैं, तो ट्रैक खराब हो जाएगा। इससे उन्हें इमरजेंसी में ट्रैक पर गाड़ी चलाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ट्रैक सूखने तक का इंतजार करें। इसके बाद ट्रैक्टर खेतों में ले जा सकते हैं। किसानों ने कहा कि जब खेतों में पानी नहीं होगा तो धान की रोपाई कैसे हो पाएगी। किसानों ने कहा कि पिछले 50 साल से बॉर्डर ट्रैक पर जाने के लिए किसानों को कभी रोका नहीं गया है, लेकिन आज किसानों को जबरदस्ती रोका जा रहा है। किसानों ने बताया कि बारिश के चलते उनके खेतों में पानी हो गया है। धान की रोपाई के लिए ट्रैक्टरों का बॉर्डर ट्रैक के जरिए खेतों में जाना जरूरी है, तभी धान की रोपाई संभव हो पाएगी। इस मौके पर किसानों द्वारा चिनाज पोस्ट के मुख्य द्वार को ट्रैक्टर के द्वारा रोक दिया गया। मामले को बिगड़ता देख उप कमांडेंट मनीष गिल हेड क्वार्टर से सीधा चिनाज पोस्ट के लिए निकल आए। वहां पर अवरुद्ध मार्ग के चलते उन्हें पैदल अंदर आना पड़ा। किसानों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बॉर्डर ट्रैक पर ट्रैक्टरों को जाने की अनुमति दी जाएगी, परंतु अगर बॉर्डर ट्रैक खराब हो जाता है, तो किसान उसे ठीक करने में बीएसएफ की सहायता करेंगे। इस पर किसानों ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो किसान बीएसएफ के साथ मिलकर ट्रैक को ठीक करेंगे। इसके बाद ट्रैक्टर को ट्रैक पर जाने की अनुमति दी गई। इस मौके पर उप कमांडेंट मनीष गिल ने किसानों को समझाया कि जबरदस्ती मार्ग को बंद करना सरासर गलत है, ऐसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीएसएफ के अधिकारियों के साथ स्थानीय लोग बदतमीजी न करें। कोई भी मुद्दा है तो उसे बैठकर हल किया जाए। इसके बाद किसानों ने उप कमांडेंट का धन्यवाद किया।
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