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Jammu News: सब्जियों के बढ़ते दाम ने बिगाड़ा खाने का स्वाद

Tue, 04 Jul 2023 04:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति किलोे बिक रहा, अन्य सब्जियों के दाम छू रहे आसमान
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संवाद न्यूज एजेंसी

राजोरी। पहले से ही रसोई गैस और अन्य खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों की मार झेल रहे लोगों पर सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। महंगी सब्जी ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। आम लोगों की थाली से महंगाई के चलते सब्जियां गायब हो गई। लोगों ने प्रशासन से सब्जी के दामों को स्थिर रखने के लिए उचित प्रबंधन करने की मांग की है।
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गृहणी कृतिका ने कहा कि हर सब्जी और दाल पकाने में इस्तेमाल होने वाला टमाटर 100 से लेकर 120 रुपये प्रति किलो, बीन्स 70 से 80 रुपये प्रति किलो और लौकी 60 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को सब्जियां खरीदने में कठिनाई हो रही है। कुछ दिन पहले टमाटर 30-40 रुपये प्रति किलो और लौकी 30-40 रुपये प्रति किलो बिक रही थी और अब टमाटर के दाम चार गुना हो गए हैं और लौकी के दाम तीन गुना हो गए हैं। वहीं, जवाहर नगर बाजार में सब्जियां खरीदने आई गृहिणी शालिनी सूरी ने बताया कि हर सब्जी विक्रेता ने अपनी कीमत तय की है। कोई टमाटर 100 रुपये में बेच रहा है तो कोई 110 या 120 रुपये में। कोई रोक नहीं है। उन्होंने डीसी राजोरी और एलजी प्रशासन से बाजार की जांच के लिए समितियां बनाने और सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर नजर रखने की अपील की। वहीं एक अन्य गृहणी नेहा गुप्ता ने कहा कि कि पहले वे किलोग्राम में सब्जियां खरीदते थे, लेकिन कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण, अब उन्हें 250 ग्राम या 500 ग्राम खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरी पत्तेदार सब्जियों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। वहीं, राजोरी के सब्जी मंडी अध्यक्ष जोगिंदर गुप्ता ने बताया कि उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बारिश ने सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। यह कोई नई बात नहीं है, हर साल मानसून के मौसम में सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, लेकिन इस बार जून के महीने में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने विभिन्न सब्जियों के स्थानीय उत्पादन को प्रभावित किया, जिससे आपूर्ति शृंखला चरमरा गई है। उन्होंने आगे बताया कि पहले, फूलगोभी, मटर, बीन्स, टमाटर, बैंगन, मूली आदि जैसी कई सब्जियां जम्मू, उधमपुर, कठुआ और रामबन जिलों के पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों से जम्मू की नरवाल मंडी में आती थीं और वहां से राजोरी मे भेजी जाती थी। इस साल लगातार बारिश से इन इलाकों में सब्जियों को नुकसान हुआ है। आपूर्ति में गिरावट और सब्जियों की मांग में वृद्धि के कारण कीमतें और बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि राजोरी के बाजार में आने वाली एकमात्र स्थानीय सब्जी ''''कसरोट'''' है और इसकी कीमतें स्थिर हैं लेकिन आपूर्ति की कमी के कारण पिछले 10 दिनों में अन्य सब्जियों की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं।
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