संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। शक्ति संस्थान में बुधवार को तीन माह से चल रहे 108 अखंड रामायण पाठ का समापन हो गया। इस अवसर पर संस्थान की महामंडलेश्वर सुश्री सुनीतानंद गिरी जी महाराज ने भक्तों को अपने अमृत प्रवचनों से निहाल किया गया। महामंडलेश्वर सुनीतानंद गिरी जी ने कहा कि परमात्मा ने हमें कार्य करने के लिए दिन और रात्रि के रूप में समय का एक चक्र प्रदान किया है। इसे हम 24 घंटे का समय चक्र कहते हैं। इन 24 घंटों में से एक घंटा ही परमात्मा के नाम की धूनी अपने भीतर रमाएं।
आगे उन्होंने कहा कि संस्थान में अखंड 108 रामायण पाठ करवाने का यही लक्ष्य था कि हमारी जो आने वाली पीढ़ी संस्कारों से दूर होती जा रही है, वह आध्यात्म के साथ जुड़ कर मर्यादा पूर्वक जीवन जीने की शिक्षाएं प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन से चार महीना में सैकड़ों की संख्या में नवयुवकों ने शक्ति संस्थान में आयोजित रामायण पाठ में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्री रामचरितमानस की महिमा को जाना और माना है। इस अवसर पर शक्ति संस्थान सुंदरबनी के प्रधानाचार्य विष्णु दास शास्त्री ने बताया कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शक्ति संस्थान में भक्तों का भारी हुजूम आना शुरू हो चुका था। सुबह-सुबह गणेश एवं सरस्वती जी के पूजन के साथ ही श्री राम परिवार का 16 उपचारों से पूजन किया गया। उसके बाद अयोध्या, मथुरा, काशी इत्यादि देश के बड़े तीर्थ स्थलों से पधारे हुए श्री रामचरितमानस के विद्वानों द्वारा रामायण पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत सभी भक्तों द्वारा भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए पूजन एवं हवन में भी भाग लिया गया। उन्होंने बताया कि हवन के बाद दोपहर 12 बजे से आए हुए भक्तों के लिए यज्ञ का प्रसाद खोल दिया गया। यहां पर सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने माथा टेककर प्रसाद ग्रहण किया।