जिला जेल किश्तवाड़ में बंद याचिकाकर्ता सलमान सज्जाद के मामले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय (जम्मू विंग) के न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति 12 अक्तूबर को मामले की अली सुनवाई में याचिकाकर्ता की हिरासत के रिकॉर्ड के साथ मंडलायुक्त जम्मू और एसएसपी किश्तवाड़ को व्यक्तिगत पेश होने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने पाया की मंडलायुक्त जम्मू और एसएसपी किश्तवाड़ की ओर से पेश वकील लगातार दो सुनवाई के दौरान हिरासत का रिकॉर्ड पेश करने में विफल रहे, जिससे मामले पर विचार करने में देरी हुई। सलमान सज्जाद के खिलाफ मंडलायुक्त जम्मू द्वारा जारी आदेश संख्या पीआईटी एनडीपीएस 31/2022 दिनांक 20 अक्तूबर 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील सैयद माजिद शाह ने कहा कि अदालत के आदेशों को मंडलायुक्त ने लापरवाही से लिया।
दो लगातार तारीखों से डिटेंशन रिकॉर्ड पेश करने के निर्देशों के बावजूद भी समय मांगा गया है। इससे पता चलता है कि प्रशासन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अदालत के आदेशों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। वकील सैयद माजिद शाह ने कहा कि सलमान 21 अक्टूबर, 2023 को हिरासत की अवधि पूरी करने जा रहा है। ऐसे में टाल-मटोल की रणनीति अपनाई जा रही है। सरकारी वकील भानु जसरोटिया और इरफान इंकलाबी ने अदालत से डिटेंशन रिकॉर्ड पेश करने के लिए एक और अवसर मांगा। मामले पर गंभीरता से विचार करने के बाद, न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने आदेशों का पालन न करने पर नाराजगी व्यक्त की। रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में देरी याचिका पर विचार और निपटान में देरी हो रही है।