जम्मू शहर के तवी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। आगामी सितंबर माह तक रिवर फ्रंट के सरोवर सहित दोनों किनारों पर स्लैब का काम पूरा होना है। इसको लेकर डाया फ्राम वाल में फाटक लगने का काम तेजी पर है। इससे पानी को आवश्यकता के अनुसार रोककर सरोवर को खूबसूरत बनाया जाएगा। पहले चरण में करीब 156.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
यूटी प्रशासन की ओर से सितंबर माह के अंत तक तवी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि रिवर फ्रंट का काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। इसको लेकर सोमवार को खबर छपने के बाद विभागीय अफसर हरकत में आ गए।
रिवर फ्रंट का काम समय से पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए। तवी रिवर फ्रंट का काम दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में भगवती नगर पुल से बिक्रम चौक पुल तक तवी नदी के दोनों तरफ 3.5 किमी कार्य होगा। इसमें डाया फ्राम वाल, रिटेनिंग ड्रेन, एंकर स्लैब, बाएं व दाएं तटबंध और मध्य द्वीप के लिए इंटरसेप्टर ड्रेन और पियर प्रोटेक्शन का काम होगा।
इसी के तहत तवी पर पानी के बहाव को रोकने के लिए तटबंध पर फाटक लगने का काम तेजी से शुरू हो चुका है। दाईं तरफ के तटबंध में जल्द ही फाटक लग जाने का दावा किया जा रहा है। यदि सितंबर अंत तक पहले चरण का काम पूरा हो गया तो दूसरे चरण में तवी पुल बिक्रम चौक से गुज्जर नगर पुल तक काम होगा।
पहले बिक्रम चौक से बैराज के दोनों किनारों को पक्का किया जाएगा। इसके बाद गुज्जर नगर की तरफ काम शुरू होगा। परियोजना निदेशक सुनील का कहना है कि रिवर फ्रंट के पहले चरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाएगा।
ऐसे चलेगा प्रोजेक्ट का काम
तवी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर 194.7 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिल्ली की कंपनी श्री बालाजी इंजिकांस लिमिटेड द्वारा काम को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 156.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें तवी नदी के बाईं तरफ 74 करोड़ और दाईं तरफ 81 करोड़ रुपये से काम होगा। प्रोजेक्ट का पूरा क्षेत्र 353 कनाल है। इसमें दाईं तरफ का क्षेत्र 179 कनाल जबकि बाईं तरफ का क्षेत्र 47.39 कनाल है। सेंट्रल आइलैंड 126.14 कनाल में फैला हुआ है।