जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद बदले हालात में देशभर के विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जम्मू भा रहा है। इस साल पहली बार जीएमसी जम्मू में ऑल इंडिया कोटे से पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) की सीटों के लिए 50 प्रतिशत विद्यार्थी बाहर से आए हैं, जबकि यूजी (अंडर ग्रेजुएट) में 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे में बाहर से विद्यार्थी आए हैं।
इससे पहले पीजी और यूजी में सभी सीटें स्थानीय स्तर की थीं। इसी तरह एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए देशभर के मेधावी एम्स विजयपुर का विकल्प चुन रहे हैं। इसका कारण सुरक्षित माहौल के साथ स्मार्ट सिटी, बेहतर वायु गुणवत्ता, रेल, हवाई और बेहतर सड़क संपर्क को देखा जा रहा है।
एम्स विजयपुर के लिए तीसरे बैच में 62 एमबीबीएस विद्यार्थी मांगे गए थे, जिसमें 55 ने ज्वाइन कर लिया है। इन विद्यार्थियों के लिए एक माह का ऑनलाइन इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें उन्हें एम्स प्रबंधन के नियमों सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
जनवरी से तीसरा बैच जम्मू के मीरां साहिब सहित अस्थायी कैंपस में शुरू हो जाएगा। इससे पूर्व पहले बैच में 50 और दूसरे बैच में 61 विद्यार्थी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अब तक तीसरे बैच में 4 विद्यार्थी जम्मू से आए हैं। अगले वर्ष से चौथे बैच में 125 छात्र लिए जाएंगे, जिन्हें एम्स विजयपुर के मुख्य कैंपस में पढ़ाया जाएगा।
एम्स विजयपुर को आधिकारिक तौर पर सितंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। एम्स में बचे हुए 103 संकाय पदों के लिए जनवरी में पद विज्ञापन किए जा रहे हैं। इसमें अब तक 80 संकाय पदों की नियुक्ति हो चुकी है, जिसमें 66 ने ज्वाइन कर लिया है।
इस साल जीएमसी जम्मू में पीजी की सीटों में भी देशभर से ऑल इंडिया कोटे से विद्यार्थी पहुंचे हैं। जीएमसी में कुल 198 पीजी सीटों में 50 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे से आरक्षित कर दी गई हैं। इसी तरह यूजी की कुल 180 सीटों में 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे से आरक्षित की गई है।
यूटी बनने से पहले सभी सीटें स्थानीय स्तर की होती थीं, लेकिन ऑल इंडिया कोटे से सीटों का चलन बढ़ने से विद्यार्थियों को नया अनुभव मिलने के साथ संस्कृति का आदान प्रदान का मौका मिल रहा है।