कश्मीर घाटी में कार्यरत जम्मू के आरक्षित श्रेणी के कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जम्मू में ट्रांसफर किए जाने की मांग को जोरशोर से उठाया। साथ ही घाटी में कर्मचारियों के लिए जारी किए गए बॉयोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य वाले आदेश का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घाटी में लक्षित हत्याओं के बाद बने हालातों के चलते वह जम्मू में तबादले की मांग कर रहे हैं। वे एक जून से जम्मू में लगातार अपनी मांग को उजागर कर रहे हैं। आज चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि इसके लिए कमेटी बनाई गई है, लेकिन कमेटी ने क्या रिपोर्ट दी, इस पर अब तक कोई जवाब उन्हें नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने उनकी मांग को सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा दिया था। लेकिन उनकी मांग को नहीं सुना जा रहा है। इसके विपरीत अभी हाल में बॉयोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया गया है। कश्मीर में आए दिन लक्षित हत्याएं हो रही हैं। ऐसे में वह कैसे घाटी में नौकरी करने के लिए जाएं। आखिर जान तो हर किसी को प्यारी है। उनके परिवार के सदस्य और बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित हो सकता है, इसके लिए सरकार को सोचना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग करते हुए कहा कि उनकी मांग को जल्द से जल्द से पूरा किया जाए।