सांबा जिले का गुढ़ा सलाथिया क्षेत्र अब विजयपुर के बजाय सांबा विधानसभा सीट का हिस्सा होगा। संशोधित ड्राफ्ट रिपोर्ट में गुढ़ा सलाथिया को सांबा से जोड़ दिया गया है। राजपूत बहुल इलाके के लगभग 10 हजार वोट सांबा में चले जाएंगे। इससे जिले की राजनीति में समीकरण बदल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार सांसदों को दोबारा सौंपी गई संशोधित ड्राफ्ट रिपोर्ट में सांबा से कटली व रामनगर को निकालकर नवसृजित रामगढ़ विधानसभा सीट में जोड़ा गया है। इसके साथ ही पंगदोर को सांबा से हटाकर रामगढ़ में जोड़ दिया गया है। इससे पहले के ड्राफ्ट में हुए बदलावों से एक हिस्सा टापू बन गया था। इसे ठीक करने के लिए विजयपुर से गुढ़ा सलाथिया को हटाकर सांबा से जोड़ा गया।
हालांकि, सूत्र बताते हैं कि सांबा सीट दोबारा से आरक्षित होने की स्थिति में आ रही थी। इस वजह से गुढ़ा सलाथिया को जोड़ा गया ताकि फिर से सांबा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित न हो जाए। यहां रामगढ़ की सीट पहले ही आरक्षित कर दी गई है।
सांबा-विजयपुर सीट में बड़ा बदलाव
सांसदों को पिछले महीने सौंपी गई संशोधित ड्राफ्ट रिपोर्ट में सांबा व विजयपुर सीट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। गुढ़ा सलाथिया को राजनीति का केंद्र बिंदु माना जाता रहा है। राजपूतों की संख्या यहां अधिक है। इस वजह से राजपूत बिरादरी का इस सीट पर दबदबा रहा है। सांबा में भी राजपूतों की संख्या अधिक है।
गुढ़ा सलाथिया के लोग आपत्ति दाखिल करने की तैयारी में
राजपूत बिरादरी के लोगों का कहना है कि गुढ़ा सलाथिया को सांबा के साथ जोड़ा जाना राजपूत बिरादरी के राजनीतिक वर्चस्व को कम करने का प्रयास है। पहले विजयपुर व सांबा दोनों ही सीटों पर इस बिरादरी का दबदबा था। अब विजयपुर से राजपूत बिरादरी को शिफ्ट किए जाने से सांबा में ही आपस में वर्चस्व की लड़ाई होगी।
विधानसभा चुनाव में इस बिरादरी के अधिक से अधिक प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में वोट कटेंगे और दूसरा फायदा उठा सकता है। इनका कहना है कि लोगों की आपत्तियों के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद इस पर आपत्ति जताई जाएगी। साथ ही पहले की तरह पुराने रूप में सीट को बहाल करने का मुद्दा उठाया जाएगा। परिसीमन आयोग के समक्ष गुढ़ा सलाथिया के ज्यादा से ज्यादा लोगों की ओर से आपत्तियां दाखिल की जाएंगी ताकि आयोग इस पर दोबारा से विचार कर सके।