जम्मू-कश्मीर में बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर को वापस लाने के लिए प्रदेश सरकार ने बीते साल नई फिल्म नीति जारी की है। प्रदेश में फिल्म शूटिंग करने वाले प्रोडक्शन हाउस के लिए नई फिल्म नीति में कई प्रावधान हैं। वित्तीय मदद भी दी जा रही है।
1990 के बाद आतंकवाद, अलगाववाद का दर्द झेल रहे जम्मू-कश्मीर से दूर हुआ बॉलीवुड एक बार फिर प्रदेश का रुख करने लगा है। इससे स्थानीय कलाकारों के साथ कारोबारियों के दिन फिरने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 158 प्रोडक्शन हाउस को फिल्म शूटिंग की अनुमित दी है। इसके लिए सेंट्रलाइज पोर्टल पर आवेदन मिले थे।
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घाटी की हसीन वादियां फिल्म निर्माताओं व निर्देशकों की पहली पसंद रही हैं। यहां अब गोलियों, बम की बजाय लाइट, एक्शन, कैमरा की आवाज सुनने को मिल रही है। प्रदेश में फिर से फिल्म शूटिंग शुरू होना स्थानीय कलाकारों, होटल उद्योग, परिवहन उद्योग के लिए भी बड़ी सौगात है।
पहले आतंकवाद और फिर कोविड से नुकसान झेल रहे होटल व परिवहन उद्योग को बल मिलेगा। इस पहल से न सिर्फ कश्मीर बल्कि जम्मू संभाग की वादियों, धरोहरों से पूरा विश्व रूबरू हो सकेगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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जम्मू-कश्मीर में बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर को वापस लाने के लिए प्रदेश सरकार ने बीते साल नई फिल्म नीति जारी की है। प्रदेश में फिल्म शूटिंग करने वाले प्रोडक्शन हाउस के लिए नई फिल्म नीति में कई प्रावधान हैं। वित्तीय मदद भी दी जा रही है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद माहौल में आए बदलाव, सुरक्षा स्थिति में सुधार और फिल्म नीति के चलते जम्मू-कश्मीर में फिल्मों की शूटिंग के लिए कई निर्माता निर्देशक पहुंच रहे हैं। अभी 158 फिल्मों की शूटिंग की अनुमित दी गई है। इनमें हिंदी, साउथ और पंजाबी फिल्मों के साथ टीवी सीरियल व नाटक शामिल हैं।
हाल ही में हमने जम्मू और कश्मीर में तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया। इसमें भद्रवाह में शॉर्ट फिल्म आजादी की शूटिंग हुई। इसके साथ कटड़ा में ‘सुसराल सिमर का’ शूट हुआ। जम्मू-कश्मीर में बड़े प्रोडक्शन हाउस के आने से स्थानीय कलाकारों व निर्देशकों को काम मिल रहा है। यह हमारे लिए अच्छी बात है। - संदीप वर्मा, अभिनेता
फिल्म नीति लागू होने से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। प्रोडक्शन हाउस को सब्सिडी के लिए स्थानीय कलाकार व सहयोगी स्टाफ को लेना अनिवार्य है। इससे स्थानीय कलाकारों को काम मिल रहा है। आने वाले कुछ बड़े प्रोजेक्ट में काम मिलेगा। अभी शॉर्ट फिल्म आजादी में बतौर अभिनेता का काम किया। इसमें ज्यादातर कलाकार जम्मू-कश्मीर से ही थे। मृदुल, अभिनेता
जब जम्मू-कश्मीर के किसी भी हिस्से में फिल्म की शूटिंग होती है तो कलाकार के लिए यह बहुत खुशी की बात होती है। प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग हो रही है, यह अच्छी बात है। लेकिन हमें जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों का प्रचार करना होगा, ताकि यहां पर भी फिल्मों की शूटिंग हो। नई फिल्म नीति प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देगी। - सौरव वर्मा, कलाकार
ये फायदे मिलेंगे
- स्थानीय कलाकारों को काम
- परिवहन, होटल उद्योग को बढ़ावा
- प्रदेश की संस्कृति और खूबसूरती निहार सकेंगे लोग
- पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा