कृषि केंद्र की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर वुमन में दो दिवसीय उद्यमी फेस्ट का आगाजजिले के तीन सौ किसानों ने हिस्सा लेकर सीखे आय बढ़ाने के तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। देश सहित प्रदेश में कृषि प्राचीन समय से हो रही है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए नई तकनीक को अपनाने की जरूरत है। किसानों को आय बढ़ाने के लिए आउट ऑफ बॉक्स सोचना होगा। व्यापारिक खेती भी अपनानी होगी। यह बातें एग्री इंडस्ट्री विकास चेंबर (एनजीओ) की निदेशक बिंदू सिंह ने कृषि केंद्र तालाब तिल्लो में दो दिवसीय उद्यमी फेस्ट के शुभारंभ अवसर पर कहीं।
इस फेस्ट का आयोजन एग्री इंडस्ट्री विकास चेंबर की ओर से किया गया। इसमें पहले दिन जिले के करीब 300 किसानों और पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर वुमन की 30 छात्राओं ने हिस्सा लिया। वहीं, दिल्ली से मोदी केयर और कलर बार की टीमों ने कृषकों को आधुनिक खेती के बारे में जागरूक किया। एनजीओ के निदेशक ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उद्यमी बनाना है ताकि वह अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान कर सकें।
डेयरी विकास के मिशन निदेशक सरदार एनएस बाली ने बताया कि अब समय आ गया है कि किसानों को अपनी आय बढ़ाने के बारे में सोचना होगा। कई कंपनियां इसके लिए मदद प्रदान कर रही हैं। किसानों को खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, डेयरी पालन, मधुमक्खी पालन, कंपोस्ट बनाना आदि में हाथ आजमाना चाहिए। पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर वुमन की छात्रा निशा, तनु देवी, कृति और अनामिका ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछ कर जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि हम यहां पर यह सोच नहीं आई थीं कि कभी उद्यमी बनेंगी, लेकिन यहां जानकारी हासिल कर लगा कि हम जेब खर्च से इसकी शुरुआत कर सकती हैं। घर पर बैठ कर काम कर सकती हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अल्का ने किया। इस मौके पर जेकेएमपीसीएल के सीईओ चिराग कुमार, कृषि विभाग के निदेशक सरदार एरविंद सिंह रीन, उप निदेशक अलोक पंडोत्रा आदि मौजूद रहे।
किसान 50 हजार से शुरू कर सकते हैं बिजनेस
मोदी केयर के शरद चौधरी ने बताया कि जो भी किसान उद्यमी बनना चाहते हैं वह कृषि आय बढ़ाने के लिए नए उपकरणों की मदद ले सकते हैं। किसानों के लिए वह एक ऑफर लाए हैं, जिसमें वह 50 हजार रुपये से अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। उसके लिए जेके बैंक लोन देगा।