विभागीय कामकाज की समीक्षा की, स्वीकृत दरों पर निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अवैध खनन में शामिल लोगों को सख्त सजा मिले। इसके लिए कानून के तहत कठोर कदम उठाएं जाएं। इससे अवैध खनन पर अंकुश ले सकेंगे। अभी तक आंकड़ों में गौर करे तो अवैध खनिजों की ढुलाई में शामिल 6000 से अधिक वाहनों को विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया है। इससे आरोपियों से जुर्माने के रूप में 1627 लाख रुपये की राशि वसूल की गई है।
यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने खनन विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए आयोजित बैठक में कही। इस दौरान मुख्य सचिव ने यूटी में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए आरबीएम (लघु खनिज) की उपलब्धता पर ध्यान दिया। उन्होंने जनता को सरकार द्वारा अनुमोदित दरों पर निर्माण सामग्री की तत्परता से उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। डुल्लू ने संबंधितों को अवैध खननकर्ताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस अवैध प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने को भी कहा। उन्होंने अधिकतम राजस्व प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अपने खनिज ब्लॉकों की नीलामी में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपनाए गए मॉडल को देखने का भी निर्देश दिया।
खनन आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बैठक प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहचाने गए विभिन्न खनिज ब्लॉकों के अनुमान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 3400 मीट्रिक टन चूना पत्थर, 43 मीट्रिक टन जिप्सम, 427 मीट्रिक टन क्वार्ट्जसाइट, 3826 घन मीटर ग्रेनाइट के अलावा दर्जनों अन्य खनिज मौजूद हैं। विभाग ने जिलों में आरबीएम के 60 नए ब्लॉकों की पहचान करने के अलावा अब तक 205 लघु खनिज पट्टे दिए हैं। बैठक में बताया गया कि विभाग को इस साल जनवरी तक इन खनिज ब्लॉकों के खिलाफ बोली राशि, रॉयल्टी और जुर्माने के रूप में 130.58 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। विभाग ने जम्मू-कश्मीर में स्रोत से गंतव्य तक अधिसूचित दरों पर खनिजों की बिक्री, खरीद और परिवहन में पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-मार्केट प्लेस, ई-चालान वेब पोर्टल भी लांच किया है।