70वें अखिल भारतीय सहकारी समारोह में सहकारी क्षेत्र की विभिन्न पहलों की शुरुआत की
13.45 करोड़ रुपये के 60 कार्यों की रखी आधारशिला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उड़ी में सरहद टूरिज्म कोऑपरेटिव लिमिटेड के शुभारंभ से उड़ी बोनियार टूरिस्ट सर्किट और होम स्टे से सीमा पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मिलेगा। यह नई पहल जम्मू-कश्मीर में सहकारी आंदोलन में युवाओं की अधिक भागीदारी और समावेश सुनिश्चित करेगी। यह बातें उन्होंने मंगलवार को जम्मू विश्वविद्यालय के सभागार में 70वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह समारोह में सहकारी क्षेत्र में विभिन्न नई पहलों की शुरुआत करते हुए कहीं।
उप राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता और एक नए व्यवसाय माडल को विकसित करते हुए एक नई पहल के तहत 537 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) को सामान्य सेवा केंद्र, 169 पैक्स को पीएम किसान समृद्धि केंद्र और 25 पैक्स को जन-औषधि केंद्र के रूप में शामिल करने से नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। कहा कि सहकार से समृद्धि के आह्वान ने सहकारिता के मूल्यों और सिद्धांतों को पुनर्जीवित किया है और लोगों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में योगदान दिया है।
सीएससी के रूप में पैक्स, पीएम किसान समृद्धि केंद्र, जन-औषधि केंद्र और नई पहल सहकारी समितियों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी और एक नया बिजनेस मॉडल विकसित करेंगी। विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सहकारी समितियां ग्रामीण विकास को गति देकर, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे गोदामों, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं और संस्थागत वित्त और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच विकसित करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्नति बहन कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करेगा और उन्हें सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न उत्पादों को बेचने और विकसित करने के लिए प्रशिक्षित करेगा। इससे सहकारी आंदोलन में लैंगिक समानता को संबोधित करने के प्रशासन के प्रयासों में तेजी आएगी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सहकारी समितियों के लिए और अधिक रास्ते तलाशने और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उप राज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डाॅ. अरुण कुमार मेहता, सहकारिता विभाग की सचिव यशा मुद्गल आदि मौजूद रहे।
ये पहल कीं शुरू, कई का किया शिलान्यास
उप राज्यपाल द्वारा शुरू की गई अन्य परियोजनाओं में 537 पीएसीएस का कम्प्यूटरीकरण, सहकारी बैंकों और समितियों के लिए डैशबोर्ड, 07 सहकारी सुपर बाजारों के लिए वेबसाइट, उन्नति मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव्स के तहत वागूरा में ऐप्पल पल्पिंग यूनिट प्लांट और ग्लोबल मिल्क एंड फूड प्रोसेसिंग यूनिट बाड़ी ब्राह्मणा, कई सहकारी स्कूलों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और विज्ञान प्रयोगशालाएं शामिल हैं। वहीं, कैपेक्स 2023-24 के तहत 13.45 करोड़ रुपये के 60 कार्यों की आधारशिला रखी और कैपेक्स 2022-23 के तहत 4.54 करोड़ रुपये की 21 पूर्ण परियोजनाएं भी लोगों को समर्पित कीं। उन्होंने सहकारी समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया और सहकारिता विभाग के सार-संग्रह का विमोचन भी किया।