आरोपियों में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला आतंकी आशिक नेंगरू उर्फ आशिक मोलवी भी है, जो इस समय पाकिस्तान में है। अन्य में मुजम्मिल अहमद मलिक निवासी पुलवामा, रवि कुमार उर्फ नोना, जयदीप धवन उर्फ दीप, अमरबीर सिंह उर्फ गोपी महल निवासी पंजाब शामिल हैं।
टेरर फंडिग मामले में पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद कमांडर समेत पांच के खिलाफ राज्य जांच एजेंसी ने एनआईए की विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया। पिछले साल जम्मू में कश्मीर के एक वाहन से 43 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इसी मामले में यह आरोप पत्र दायर किया गया। इसमें जैश आतंकियों तथा पंजाब के गैंगस्टरों के बीच गठजोड़ का खुलासा किया गया है।
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आरोपियों में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला आतंकी आशिक नेंगरू उर्फ आशिक मोलवी शामिल है, जो इस समय पाकिस्तान में है। अन्य में मुजम्मिल अहमद मलिक निवासी पुलवामा, रवि कुमार उर्फ नोना, जयदीप धवन उर्फ दीप, अमरबीर सिंह उर्फ गोपी महल निवासी पंजाब शामिल हैं।
16 नवंबर 2021 को जम्मू में तीन लोग 43 लाख की नकदी के साथ पकड़े गए थे। इसके पहले 14 मई को एसआईए इसी मामले में दो लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर चुकी है। पुलवामा के रहने वाले मौजम परवेज और उमर फारूक के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था।
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यह लोग पंजाब के अमृतसर से पैसा लेकर आए थे। एसआईए की जांच में सामने आया कि आरोपी परवेज और फारूक ने मुजम्मिल मलिक और आरोपी नेंगरू के साथ साजिश रची थी। यह पैसा जैश आतंकियों में बांटे जाने थे ताकि घाटी में आतंकी हमले किए जा सकें।
मलिक ने आतंकी फंडिंग की सुविधा दी थी, जिसने अपने ट्रक में परवेज और फारूक के आने जाने का प्रबंध किया। यह पैसा पंजाब के गैंगस्टर और नशीले पदार्थों के तस्करों ने दिया था।
अमृतसर में निर्धारित स्थान से मिली थी राशि
परवेज और फारूक को अमृतसर राजमार्ग पर एक पूर्व-निर्धारित स्थान पर अमृतसर में अमरबीर सिंह से 5 लाख रुपये की अवैध आतंकी फंडिंग राशि प्राप्त हुई थी। यह राशि नेंगरू के इशारे पर दी गई थी। करीबी सहयोगी रवि कुमार और जयदीप धवन ने सहायता की।
रवि के अमृतसर स्थित आवास से हथियार भी बरामद हुए थे। अमरबीर सिंह पंजाब में एक गैंगस्टर है जो नशीले पदार्थों और हथियार तस्कर बलजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला मांडियाला से जुड़ा है। वह हत्या और जबरन वसूली की 23 से अधिक मामलों में शामिल है।