प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के आतंकी फंडिंग और विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के नौ जिलों में 15 ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान आतंकियों के मददगारों के घरों से आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
एनआईए प्रवक्ता के अनुसार जांच एजेंसी ने श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा, शोपियां, अवंतिपोरा, अनंतनाग, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा और पुंछ में कार्रवाई की। इस दौरान जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों और आतंकवादी संगठनों की साजिशों में शामिल ओवरग्राउंड वर्करों व उनके सहयोगियों के ठिकानों को खंगाला गया। यह मामला जमात की ओर से धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए जुटाई धनराशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किए जाने से जुड़ा है।
जमात की रकम का इस्तेमाल हिजबुल मुजाहिदीन व लश्कर-ए-ताइबा जैसे आतंकी संगठनों ने आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया। एजेंसी ने पुंछ जिले में सूरनकोट तहसील के सांगला गांव में दो स्थानों पर कार्रवाई की। यह मामला मोबाइल फोन से नियंत्रण रेखा के पार बातचीत करने से जुड़ा है।
शांति और सांप्रदायिक सद्भाव भंग करने की साजिश : अधिकारी ने बताया कि आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में स्टिकी बम, आईईडी, छोटे हथियारों से हमले कर शांति और सांप्रदायिक सद्भाव भंग करने में जुटे हैं।
इन मामलों में एनआईए ने लश्कर, हरकत-उल-मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद, अल-बद्र व अलकायदा के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दायरे में द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर, मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद, जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स शामिल हैं