- सभी विभाग 20 अप्रैल तक बीईएएमएस पोर्टल पर मंजूर कार्य योजनाओं को अपलोड करेंगे
- जिला उपायुक्त 30 अप्रैल तक जिला योजनाओं को करेंगे तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में वित्त वर्ष 2024-25 के राजस्व और कैपेक्ट बजट के तहत 50 प्रतिशत अंतिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) जारी किया गया है। इसमें कैपेक्स के तहत विभागों/जिला उपायुक्तों को भी बजट मंजूर किया गया है। इस बजट पर विभिन्न परियोजनाओं, कार्यों और गतिविधियों को किया जाएगा। इसके साथ वर्ष 2023-24 के लिए राजस्व बजट में विद्युत चार्जेस हेड में 100 प्रतिशत बजट जारी किया गया है। वर्ष 2023-24 के लिए संशोधित अनुमानित बजट और जिला कैपेक्स बजट में 100 प्रतिशत राशि जारी की गई है।
इस साल लोकसभा चुनाव के चलते संसद में जम्मू कश्मीर के लिए पूर्ण बजट के बजाय वोट आन अकाउंट बजट मंजूर किया गया था, जिसमें नई केंद्र सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट का प्रावधान किया जाएगा। वित्त विभाग की ओर से जारी एक आदेश में वर्ष 2024-25 के राजस्व बजट में यात्रा रियायत, वाहनों की खरीद, फर्नीचर आदि, ब्याज, विद्युत खरीद, खाद्यान्न का लागत मूल्य, बर्फ को हटाने, यूटी शेयर अंडर राजस्व घटक, आपदा प्रतिक्रिया फंड (डीआरएफ) जैसे मामलों पर विचार करके भुगतान किया जाएगा। नियंत्रण अधिकारी गैर विकासात्मक व्यय का अनुकूलन और पूंजीगत व्यय की सुरक्षा पर ध्यान देंगे। अधिकारी जरूरी मांग पर बजट का आवंटन करेंगे। राशि बीईएएमएस के तहत जारी की जाएगी। नियंत्रण अधिकारी लाइन विभागों को वित्त विभाग द्वारा जारी किए जाने के हफ्ते के भीतर बजट राशि जारी करेंगे। जीईएम पोर्टल के माध्यम से ही सभी तरह की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की जाएगी। ई निविदा के लिए जीएफआर पर अप्रैल से 31 मई 2024 तक प्रक्रिया पूरी की जाए। बी2वी कार्यक्रम, पब्लिक दरबार, जनता शिकायत सभा के लिए प्रबंध किए जाएंगे। सभी विभाग तय नियमों के तहत खर्चों को देखेंगे। वित्त विभाग की अनुमति के बिना निर्धारित बजट को दूसरे कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। बजट में प्राथमिक जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसी तरह कैपेक्स बजट के तहत सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों की 20 अप्रैल 2024 तक बीईएएमएस पोर्टल पर कार्य योजनाओं (परियोजना/कार्य/गतिविधियों)को अपलोड करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसी तरह जिला विकास आयुक्त 30 अप्रैल तक जिला योजनाओं (परियोजना/कार्य/गतिविधि वार) की रूपरेखा तैयार करेंगे। प्रत्येक जिले के सीपीओ (एस)/एडी (एस) निर्धारित समय में बीईएएमएस पोर्टल पर जिला सेक्टर परियोजनाओं को अपलोड करेंगे। इसमें चालू और नए कार्यों को करवाने की प्राथमिकता होगी। नए कार्यों और गतिविधियों को एक या दो साल में पूरा करना होगा, जिसमें बड़े प्रोजेक्टों में निर्धारित सीमा बढ़ाकर तीन वर्ष तक की जा सकती है। विभाग बीईएएमएस पर सेंटर और यूटी शेयर को सुनिश्चित करेंगे। सभी कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी लेना जरूरी होगा। सभी सरकारी लेनदेन इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से किए जाएंगे। सरकारी कार्यालयों में किसी भी नकद लेनदेन को शामिल नहीं किया जाएगा। इस प्रकार जारी की गई धनराशि का उपयोग केवल संबंधित प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।विभाग आवंटित धनराशि से व्यय सुनिश्चित करेंगे। सभी विभाग व्यय की एक समान गति सुनिश्चित करेंगे, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में व्यय की कुल सीमा 30 प्रतिशत होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम माह के दौरान सीमित 15 प्रतिशत ही बजट आवंटन होगा। सभी लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत प्रदान की गई धनराशि का वितरण किया जाएगा। 100 प्रतिशत आधार सीडिंग के साथ डीबीटी मोड के माध्यम से (लाभार्थी और दोनों) को लाभ मिलेगा, जिसकी समीक्षा प्रत्येक प्रशासनिक सचिव द्वारा की जाएगी।
आकस्मिक और आवश्यकता आधारित
श्रमिकों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लागू रहेगा
मासिक आधार और लाभार्थी-वार रिपोर्ट डीबीटी पर अपलोड की जाएगी। स्वीकृत किए गए कार्यों का क्रियान्वयन सख्ती से किया जाएगा। परियोजनाओं/योजनाओं को सख्ती से निष्पादित और पूरा किया जाएगा। आकस्मिक श्रमिकों, आवश्यकता आधारित श्रमिकों आदि की नियुक्ति पर प्रतिबंध लागू रहेगा। सभी विकास/कैपेक्स रिलीज ऑर्डर प्रशासनिक विभागों द्वारा संबंधित नियंत्रक को जारी किया गया।