संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर में सुगम यातायात और नियमों का पालन कराने के लिए इसी साल इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत प्रोजेक्ट पर 30 करोड़ रुपये खर्च हुए। एक जंक्शन पर 4 से 5 कैमरे लगाए गए। अब हालात ऐसे हैं कि 9 महीने में ही करीब 250 में से ज्यादातर हाईटेक कैमरे काम नहीं कर रहे। इससे क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है।
कुछ कैमरों को चलाने के लिए दिन तय किए गए हैं। कई ऐसे स्थान है जहां कैमरों तक बिजली नहीं पहुंच पाई। कैमरों को लगाने का एक उद्देश्य यह भी था कि वारदात या हादसे के आरोपियों की पहचान कर सलाखों में डाला जा सके। मगर निगम की लापरवाही के कारण परियोजना मात्र शोपीस बन कर रह गई है। बुधवार को केवल सात जंक्शन ही काम कर रहे थे, जिनमें लाइब्रेरी चौक कच्ची छावनी, वाल्मीकि चौक, आरबीआई चौक, गुरुद्वारा साहिब फतेह सिंह जंक्शन, ग्रीन बेल्ट पार्क, आरएसपुरा एयरपोर्ट जंक्शन, फोर्थ ब्रीज जंक्शन शामिल है। यही नहीं, 50 हजार से लेकर 5 लाख तक के कई कैमरे हाई वोल्टेज के कारण जल गए जिससे ऑनलाइन चालान प्रक्रिया काफी हद तक प्रभावित हो गई।
केवल 15 जगहों पर चलते हैं कैमरे
44 जंक्शनों में से केवल 15 जगहों पर ही कैमरे चलते हैं। इनमें बिक्रम चौक, गुज्जर नगर, रेलवे, पनामा चौक, अंबफला, जानीपुर मेन स्टॉप, हाई कार्ट, इंदिरा चौक, लाइब्रेरी चौक कच्ची छावनी, वाल्मीकि चौक, आरबीआई चौक, गुरुद्वारा साहिब फतेह सिंह, ग्रीन बेल्ट पार्क, आरएसपुरा एयरपोर्ट जंक्शन, फोर्थ ब्रीज जंक्शन शामिल है। इसके अलावा कहीं भी कैमरे चल नहीं रहे। ऐसे में यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है। नियम तोड़ने वाले तीसरी आंख की नजर से दूर हो रहे हैं।
इन स्थानों पर बढ़ सकता है अपराध
बीसी रोड, साइंस कॉलेज, ज्यूल, डोगरा चौक, पंजतीर्थी, परेड, डीसी ऑफिस, नई बस्ती, सतवारी, बख्शी नगर, गोल पुली, विवेकानंद चौक, सीपीओ चौक, शकुंतला, शालामार, रघुनाथ चौक, लास्ट मोड़, गोल मार्केट, बाहु प्लाजा,गु म्मट, एशिया चौक, रेलवे ब्रिज, रेजीडेंसी रोड और शक्ति नगर में कैमरे बंद हो चुके हैं। इस कारण इन स्थानों पर अपराध बढ़ सकता है।
बिजली की समस्या के कारण कैमरे काम नहीं कर पा रहे थे इसलिए भारत इलेक्ट्रिकल लिमिटेड की ओर से स्टेबलाइजर मंगवाए गए हैं। इन्हें स्थापित करने का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी कैमरे चालू होंगे।
-राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम