जम्मू-कश्मीर के निवासियों को नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला बनना चाहिए। जम्मू कश्मीर सरकार के निर्देशानुसार जेके बैंक ने 350 कश्मीरी पंडित, वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी और पीओजेके रिफ्यूजी को लोन दिया। वहीं, जिन लाभार्थियों ने लोन लेकर काम शुरू कर दिया है, उन्हें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कनवेंशन सेंटर में सम्मानित किया।
उपराज्यपाल ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबकी मदद करना चाहते हैं। जो भी युवा बेरोजगार है और काम करना चाहता है, उनकी मदद करेंगे। रिफ्यूजियों ने भी बहुत धैय रखा। बहुत कुछ सहा है। उनका धैर्य व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
1709 में से 350 लाभार्थियों को छोड़ कर जिनको लोन नहीं मिला है, वह उदास नहीं हों, क्योंकि लोन उनको भी प्राप्त होगा। यह हमारा वादा है। 350 लाभार्थियों में से 87 लाभार्थी महिलाएं हैं। यह संख्या बहुत कम है। हम चाहते हैं कि यह संख्या बढ़े। बैक टू विलेज के तहत भी 13.73 करोड की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि जेके बैंक सबसे पुराना बैंक है। यह लोगों की मदद के लिए हमेशा से तत्पर रहा है।
कमिश्नर सचिव विक्रम जीत सिंह ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हौसला स्कीम है। इसमें महिलाओं को व्यापार के बारे में सिखाया जा रहा है। उनको सशक्त बनाया जा रहा है। इसके अलावा मिशन यूथ, एचएपीडी स्कीम हैं। इसके तहत युवा सब्सिडी लेकर काम कर सकते हैं।
सीईओ एमडी बलदेव प्रकाश ने कहा कि प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी की बात कहता आया है, उसी को ध्यान में रखते हुए लोन की सुविधा दी जा रही है। इस मुहिम को ग्राउंड पर बेहतर तरीके से उतारने के लिए उपराज्यपाल ने सरकारी मुलाजिम अरविंद और मोहम्मद सादिक को सम्मानित किया है। कार्यक्रम के दौरान रिलीफ कमिश्नर अरविंद मौजूद रहे।
लाभार्थियों में शामिल अंकिता ने कहा कि 2 लाख का लोन लेकर उन्होंने कोचिंग इंस्टीट्यूट खोला है। इसमें वह नौकरी तो दे रही हैं, साथ में बच्चों को भी पढ़ा रही हैं। वहीं गोल गुजराल के सिकंदर लाल ने कहा कि उन्होंने 3 लाख 80 हजार का लोन लेकर फर्नीचर हाउस खोला है। इससे वह आत्मनिर्भर बने। इसके अलावा अन्य को रोजगार भी दे रहे हैं।
ये हैं लाभार्थी
लाभार्थियों में सरला कौल, रेनु बाला, आशा देवी, गरिमा, मनजीत सिंह, राकेश सिंह, राजकुमार, सिकंदर लाल, अंकिता, अनिता गुप्ता, कृष्ण लाल कपूर, अंकीता, शाजी खान शामिल थे।