अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में देशभर के उद्योगपतियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, उद्योग, रोजगार, पर्यटन आदि क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने का काम शुरू कर दिया है। अतमिया फील्डकान प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात के एमडी भावेश सुतारिया ने जम्मू संभाग के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर ब्यौरा लिया है। उनका कहना है कि संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों को विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।
सोमवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए भावेश ने कहा कि दौरे में कठुआ, सांबा, घाटी में स्पेशल इकोनॉमिक जोन, चिनैनी, सुद्ध महादेव में मेगा फूड पार्क, सनासर, भद्रवाह, रियासी में विनेज ईको टूरिज्म/एक्यूजमेंट पार्क/एडवेंचर, वेलनेस/हेल्थ/मेडिटेशन, जम्मू, कटड़ा, उधमपुर में रियल एस्टेट क्षेत्र में इच्छा जताई गई है।
इसके अलावा यहां पर दुनिया की अच्छी गुणवत्ता के सेब, अखरोट, राजमा, टमाटर, केसर आदि हॉर्टिकल्चर, फ्लोकल्चर और कृषि में वेल्यू एडिशन व गुजरात माडल डेयरी, फिल्म सिटी/स्टूडियो की बहुत संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर के लोगों को साथ लेकर काम किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, उद्योग, रोजगार, पर्यटन आदि क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर विश्वास किया जा सकता है। सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के साथ समन्वय मजबूत बनाकर काम किए जा रहे हैं।
कहा कि अगर सरकार का प्रोत्साहन मिलता है तो वह घाटी के एक पिछड़े गांव को गोद लेने पर विचार कर सकते हैं। सरकार के साहसिक निर्णय के बाद स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें विकास गतिविधियों में शामिल करने पर काम किया जाएगा।