- कश्मीरी गदगद, बोले-जल्द रेल के जरिये देश के अन्य हिस्सों से जुड़ने की उम्मीद
-उम्मीद है जून-जुलाई तक ट्रेन से देश के अन्य राज्यों तक जुड़ जाएंगे : डॉ. फारूक
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही कश्मीर में विकास की रफ्तार तेज है। मंगलवार को जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटी के लोगों को एक और बड़ी सौगात दी। उन्होंने वर्चुअल मोड से श्रीनगर रेलवे स्टेशन से घाटी की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उनके झंडी दिखाते ही ट्रेन रवाना हुई और आसमान से बर्फ के फाहों के रूप में फूल बरसे। यह ट्रेन बारामुला से संगलदान तक चलेगी। इसका श्रीनगर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ ही आम जनता ने स्वागत किया है। उम्मीद भी जताई कि जल्द ट्रेन बारामुला से जम्मू और देश के अन्य राज्यों तक जाएगी। बता दें कि फिलहाल उत्तरी कश्मीर के 138 किलोमीटर लंबे बारामुला-बानिहाल सेक्शन पर डीजल ट्रेनें चलती हैं। अब 186.1 किलोमीटर के बारामुला से संगलदान ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ेगी।
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डॉ. फारुक ने ट्रेन में सवार होकर लिया अनुभव
श्रीनगर के नौगाम रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों के साथ डॉ. फारूक उस कार्यक्रम का हिस्सा बने, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल मोड से इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। डॉ. फारुक ने ट्रेन में सवार होकर इसका अनुभव भी लिया। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में डॉ. फारूक ने कहा, उम्मीद है कि कटड़ा से संगलदान तक भी ट्रेन जल्दी पहुंचेगी। लोगों के साथ ही यह पर्यटन के लिए भी बहुत जरूरी है। घाटी के लोग आसानी से देश के दूसरे राज्यों में जा सकेंगे। माल आसानी से दूसरे राज्यों में जा सकेगा। उम्मीद है कि जून-जुलाई तक देश के अन्य राज्यों हम जुड़ जाएंगे। ट्रेन की शुरुआत के लिए उन्होंने रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी किया।
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कश्मीरी बोले-सर्दियों में सड़क खराब होने से आ रही दिक्कतों से मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों ने भी ट्रेन शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। बड़गाम के यूनिस ने कहा, यह अच्छा कदम है। लोग कम किराये में सफर कर सकेंगे। सर्दियों में सड़क खराब होने से आ रही दिक्कतों से राहत मिलेगी। सरकार से उम्मीद है कि जल्द बारामुला से जम्मू और देश के अन्य राज्यों तक रेल कश्मीरियों को जोड़ेगी। वहीं, श्रीनगर निवासी इमाद ने कहा, कश्मीर के लोगों के लिए फायदेमंद कदम है। इससे यात्रियों को श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग की दिक्कतों से राहत मिलेगी। माल भी आसानी से आ पाएगा।
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15,863 करोड़ की लागत से तैयार हुई है नई रेल लाइन
बनिहाल-खड़ी-सुंबड़-संगलदान सेक्शन (48 किलोमीटर) के बीच नई रेल लाइन 15,863 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है। अब 56 किलोमीटर के हिस्से में ही ट्रेन चलाना शेष है। सरकार का इसी वर्ष के मध्य तक समूचे देश का कश्मीर से रेल संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य है। ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना कश्मीर को पूरे देश से रेल नेटवर्क से जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। कश्मीर की तरफ से जम्मू संभाग के मुहाने पर स्थित बनिहाल से संगलदान तक ट्रेन 11 वर्ष बाद यह 48 किलोमीटर तय कर पाई है और जल्द यह जम्मू की तरफ आगे बढ़ेगी।