- उप राज्यपाल ने कहा - इनोवेशन ईको सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें शिक्षण संस्थान
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बेटियां नवाचार और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को नया आकार दे रही हैं। यह बात उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर में नए गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने एनआईटी प्रबंधन, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी। कहा कि यह सुविधा बेटियों को समर्पित है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित-एसटीईएम शिक्षा में बाधाओं को तोड़ रही हैं।
एलजी ने उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए विशेष कार्यबल विकसित करने पर जोर दिया, जो स्थानीय चुनौतियों को हल करने में भी सक्षम होना चाहिए। कहा कि आज एनआईटी जैसे संस्थानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नवप्रवर्तकों की नई पीढ़ी तैयार करना है। हमें देश में इनोवेशन ईको सिस्टम को मजबूत करने के लिए अमृत काल में इनोवेशन संचालित अर्थव्यवस्था विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उप राज्यपाल ने संकाय सदस्यों से विद्यार्थियों के भविष्योन्मुखी क्षमता निर्माण और शैक्षणिक संस्थानों व उद्योगों के बीच तालमेल को मजबूत करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने का आह्वान किया। कहा कि हमें एसटीईएम-विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित पाठ्यक्रमों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी सुनिश्चित करनी चाहिए। एनआईटी में एलजी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शैक्षिक परिदृश्य में परिवर्तन को भी साझा किया।
उन्होंने कहा कि आज हमारे शिक्षण संस्थान अत्याधुनिक शिक्षण कार्यक्रमों के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। प्रतिभाशाली युवाओं को विविध क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध कराए जाने से हम वास्तव में भविष्य में वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था पर हावी हो सकते हैं। आज जिस अत्याधुनिक छात्रावास का उद्घाटन किया गया, वह परिसर में छात्राओं को आवासीय सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निदेशक एनआईटी प्रो. ए रविंदर नाथ, आईजीपी कश्मीर वीके विरदी, डीसी डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट और एनआईटी श्रीनगर के संकाय सदस्य मौके पर उपस्थित रहे।
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मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में बलिदान
स्तंभ की प्रगति का निरीक्षण किया
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को श्रीनगर के प्रताप पार्क में बलिदान स्तंभ के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिष्ठित परियोजना को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। बलिदान स्तंभ की आधारशिला केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पिछले वर्ष जून में अपनी श्रीनगर यात्रा के दौरान रखी थी।