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Jammu News: कब्जों से बदल गया जेडीए का नक्शा, 22 साल में बनीं 31 अवैध कॉलोनियां

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सतीश वालिया
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जम्मू। जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की करोड़ों रुपये की जमीन कब्जों की भेंट चढ़ गई। समय पर परियोजना नहीं लाने के कारण आज नोटिस की कार्रवाई तक सीमित रहना पड़ रहा है। आबादी ज्यादा होने के कारण जमीनी स्तर पर जेसीबी चलाना मुश्किल है। विरोध से बचने के लिए किसी ठोस योजना पर अमल होना जरूरी है। करीब 22 साल पहले खाली जमीन पर जहां जगह मिली, वहां कॉलोनाइजरों ने कॉलोनियों बना डाली। अब तक 31 कॉलोनियां बन चुकी हैं। इसका खुलासा 2019 में तब हुआ जब मास्टर प्लान 2032 लागू किया गया। उस दौरान सामने आया है कि जो चुनिंदा लोग जेडीए में भूमि को नियमित करवाने के लिए आए थे, वह जगह विभाग की है और उस पर कब्जे हैं। यह देखकर आलाधिकारी हैरान हो गए। इसके बाद पैमाइश की गई तो पता चला कि जेडीए के अलग-अलग भूखंडों में बड़ी संख्या में आबादी बसाई गई है। इससे राजस्व को नुकसान होने के साथ-साथ किसी परियोजना पर भी काम नहीं हो पा रहा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक कनाल भूमि की कीमत 50 लाख रुपये है और जिन इलाकों में कॉलोनियां काटी हैं वहां 10 हजार कनाल जमीन थी। इस हिसाब से हजारों करोड़ों की जमीन अतिक्रमण की जद में आ गई।
सरकारी रिकॉर्ड में जमीन जेडीए की है, लेकिन इसे कब्जा मुक्त करना टेढ़ी खीर साबित होगा। पता चला है कि इन भूखंडों में बनी कॉलोनियाेंं से कमाई चुनिंदा लोग कर रहे हैं। जेडीए ने कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। साथ ही कॉलोनियों को दूसरे व्यक्ति को न बेचा जा सके, इसके लिए जानकारी साझी कर दी है। अब इन कॉलोनियों को नोटिस जारी कर खाली कराने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बीस से 22 साल से लोग रह रहे हैं। कुछ जगहों में दूसरे व्यक्तियों को भी जमीन देने के मामले सामने आ रहे हैं। अवैध कॉलोनियों के नक्शे और एनओसी के आवेदन मिलने के बाद अधिकारी ठोस रणनीति बनाने में जुटे हैं। जमीन को चिन्हित करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल कब कार्रवाई होगी यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
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यहां पर है अवैध कॉलोनियां
बबलिया, बर्न, चक, भलवाल, कोट, चुआदी आदि इलाकों में 31 से ज्यादा कॉलोनियां है। लोगों ने जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण किया और कॉलोनियां बना डाली। यही नहीं, लोगों ने बिजली और पानी के कनेक्शन ले रखे हैं। यहां तक कि राशन कार्ड भी बने है। सड़क की पूरी सुविधा है।

अवैध कॉलोनियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। एनओसी और नक्शे के लिए आ रहे आवेदनों की बारीकी से जांच की जा रही है।
- शिव कुमार, वीसी, जेडीए
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