संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी, लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे... शाम-ए-ग़ज़ल में प्रस्तुत जगजीत सिंह की इस ग़ज़ल पर अभिनव थिएटर तालियों से गूंज उठा। यह मौका था जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी की ओर से अभिनव थिएटर जम्मू में शाम ए ग़ज़ल का।
डॉ. चंचल शर्मा की ग़ज़ल... तुमको हम दिल में बसा लेंगे, तुम आओ तो सही से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसके बाद पेशे से बाल विशेषज्ञ डॉ. केवल समनोत्रा ने आओगे तुम जब ओ साजना, आरके चंदन की लिखी जिक्र तेरा है और जुबां मेरी, मुक्तसर सी है दास्तां मेरी और पंजाबी ग़ज़ल प्रस्तुत किए। इस दौरान मुक्ति तलवार ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। इन गायकों को बांसुरी पर राकेश जसोत्रा, सिंथेसाइज़र पर विक्की गिल, गिटार पर संजय पाशी और तबले पर विजय आनंद ने साथ दिया।
इससे पहले जेकेएएसीएल के सचिव भरत सिंह ने कहा कि जेकेएएसीएल प्रतिभा की तलाश में जम्मू के हर कोने तक पहुंच गया है और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए टेम्पलेट फॉर्म दे रहा है। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अकादमी कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। सभागार में मौजूद विशिष्ट हस्तियों में खालिद हुसैन, सीमा अनिल सहगल, अनिल सहगल, असलम कुरेशी, खुर्शीद काज़मी और अन्य शामिल हैं। जेकेएएसीएल के संपादक सह संस्कृति अधिकारी डॉ. शाहनवाज ने धन्यवाद ज्ञापन किया।