राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हुर्रियत और अलगाववादी नेताओं पर पहली बार कड़ी टिप्पणी की है। कहा कि हुर्रियत नेता तो पाकिस्तान से पूछे बगैर शौचालय तक नहीं जाते। ऐसे में उनसे क्या बातचीत करनी है। जब तक वे अपने को पाकिस्तान से अलग नहीं करते और उनसे आदेश लेना बंद नहीं करते तब तक उनसे कोई भी बातचीत नहीं होगी।
एसकेआईसीसी में वीरवार को पर्यटन पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने सवाल किया क्या कश्मीर समस्या के समाधान के लिए हुर्रियत और अलगाववादियों से बातचीत होगी तो कहा कि उन्होंने अब तक किसी भी पक्षकार से बातचीत नहीं की है। हाल में विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधियों उमर अब्दुल्लाह, महबूबा मुफ्ती व एमवाई तारिगामी से मुलाकात की थी। हालांकि, बातचीत सरकार का मसला है। वे इसके लिए बेहतर माहौल तैयार करने का काम कर रहे हैं।
कुलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, लापरवाही हुई
राज्यपाल ने कुलगाम में मुठभेड़स्थल पर विस्फोट में सात लोगों के मारे जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अपनी ओर से लापरवाही हुई है। लेकिन युवाओं ने भी लापरवाही की है। सुरक्षाबलों को हिदायत दी गई है कि मुठभेड़ स्थल को क्लियर किए बगैर वे वहां से नहीं हटे। लोगों को भी समझना चाहिए। राजनीतिक दलों को भी लोगों को समझाना चाहिए।
उम्मीद है कि पंचायत चुनाव में सभी शिरकत करेंगे
पंचायती चुनावों में और अच्छे माहौल बनाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि इसमें सभी शिरकत करेंगे ऐसा विश्वास है। एक-एक गांव में एक करोड़ से ज्यादा रुपया मिलेगा। इसमें कोई चुनाव चिह्न नहीं है इसलिए उम्मीद है कि सब शिरकत करेंगे और यह एक अच्छा चुनाव साबित होगा। निकाय चुनावों में कम मतदान पर कहा कि इससे कम मतदान बहुत बार हुआ है। सारी पार्टियां, हुर्रियत विरोध कर रही थी, आतंकियों की ओर से धमकी दी जा रही थी, इसके बाद भी आखिरी दिन श्रीनगर में 10 हजार आदमियों ने वोट डाला।