स्टेट लीग वॉलीबाल चैंपियनशिप से निखरेंगी प्रतिभाएं
इंडियन प्रीमियम लीग (आईपीएल) के बाद विभिन्न खेलों में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेलों में लीग चैंपियनशिप शुरू हुई हैं। इससे इन खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी बढ़ा है और नई प्रतिभाएं भी सामने आई हैं। अब वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया भी इंडिया वॉलीबाल लीग (आईवीएल) शुरू करने जा रहा है। ऐसे में राज्य वॉलीबाल एसोसिएशन को भी राज्य स्तर पर लीग चैंपियनशिप शुरू करनी होगी। इससे इस खेल में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा साथ ही नई खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी। यह बात भारतीय वॉलीबाल टीम के कोच डॉ. बीर सिंह ने कही।
जम्मू में जारी 48वीं जूनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप में हर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर डॉ. बीर सिंह की कड़ी नजर है। उन्होंने कहा कि चैंपियनशिप से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय टीम के कोचिंग कैंप के लिए होगा। जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधा बढ़ी है, लेकिन और विस्तार की जरूरत है। यहां के खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता काफी अच्छी है। राज्य खेल संघों को खेल विभाग के साथ मिलकर लीग करवाने जैसा काम करना होगा। कैंप के साथ राष्ट्रीय टीम में जम्मू-कश्मीर से खिलाड़ी अपना स्थान बना रहे हैं। मन्नत चौधरी, कार्तिक शर्मा, सकलेन तारिक जैसे खिलाड़ी इसका उदाहरण हैं। वॉलीबाल खेल में कद, कूदने की क्षमता और शारीरिक फुर्ती का बड़ा महत्व होता है। जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों में ये सभी प्रतिभा है, बस उन्हें निखारने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश की टीम ने अभी तक खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते
48वीं वॉलीबाल चैंपियनशिप में अभी तक उत्तर प्रदेश की टीम का दबदबा देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश की टीम ने ब्वायज और गर्ल्स वर्ग में कुल सात मुकाबले खेले हैं। बॉयज वर्ग में तीन और गर्ल्स वर्ग में चार मुकाबले खेले गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश ने ब्वायज वर्ग में सभी तीन मुकाबलों में जीत हासिल की है। टीम ने केरला, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ को हराया। वहीं गर्ल्स वर्ग में खेले गए चार मुकाबलों में से तीन में जीत मिली है। टीम ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और केरला को शिकस्त दी, जबकि उसे हरियाणा से हार मिली है।
उत्तर प्रदेश की पुरुष वर्ग की टीम में सेंटर ब्लॉकर अब्बास लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर में खेलने आए हैं। अभी तक का सफर काफी अच्छा रहा है। टीम के सभी खिलाड़ी एकजुट होकर खेल रहे हैं। अंडर-18 एशियन टीम का हिस्सा रहे गोरखपुर निवासी अतुल सिंह टीम में अटेकर की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने अब तक व्यवस्थित रूप से खेला है और उम्मीद है हमारा आगे का सफर भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि अंडर-18 एशियन टीम में जो कुछ सीखा, उसे टीम की जीत के लिए इस्तेमाल करता हूं। टीम में ब्लॉकर की भूमिका निभाने वाले कुश सिंह ने कहा कि हरियाणा, केरला की टीम काफी मजूबत है, लेकिन अभी तक का हमारा सफर काफी अच्छा रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा। लखनऊ निवासी विकास यादव ने केरला और उत्तराखंड के खिलाफ हुए मुकाबले में टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने कहा कि टीम को जीत दिलाने के उद्देश्य से ही मैं कोर्ट में उतरता हूं।