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Jammu News: एसएमजीएस अस्पताल में दस माह के बच्चे की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों से की मारपीट

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जम्मू। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा एसएमजीएस अस्पताल में शुक्रवार की देर रात एक दस माह के बच्चे की मौत पर तीमारदारों ने हंगामा किया। आरोप है कि तीमारदारों ने ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों से मारपीट की। डाक्टरों ने मौके पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। इसके बाद शनिवार की सुबह जूनियर डाक्टरों ने जीएमसी में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जूनियर डाक्टर ओपीडी में हड़ताल पर रहे और सलाहकार (कंसलटेंट) डाक्टरों ने मोर्चा संभाला।
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उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर के साथ डाक्टरों और जीएमसी प्रशासन की बैठक में उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद जूनियर डाक्टर शांत हुए। अस्पताल प्रशासन की ओर से तीमारदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। शनिवार शाम तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। वहीं, जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अगर मारपीट करने वाले तीमारदारों की गिरफ्तारी और डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, तो वह सोमवार को भी ओपीडी में काम नहीं करेेंगे।
तीमारदार की मारपीट से घायल बाल रोग विभाग के सीनियर रेसीडेंट डॉ. आदित्य गुप्ता के अनुसार शुक्रवार की रात 8.30 बजे अब्दुल्ला (10) निवासी बठिंडी (मूल निवासी कश्मीर) को गंभीर हालत में लेकर उसके परिवार वाले एसएमजीएस की इमरजेंसी में पहुंचे थे। उनके अनुसार बच्चा काफी गंभीर था और उसका दिमाग नहीं बना था। उसे नमूनिया, लिवर के खराब होने की भी शिकायत थी।
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उस समय सभी वेंटिलेटर व्यस्त थे, जिससे बच्चे को एंबो सेट पर डालने की तैयारी की गई। बच्चे का दिल भी पूरी तरह से काम नहीं कर था और उसकी हालत के बारे में परिवार वालों को जानकारी दी गई थी। लेकिन परिजन हिंसक हो गए और एक पीजी को धक्का देने लगे। इसके बाद मैने समझाने की कोशिश की तो उन्होंने मुझसे मारपीट करना शुरू कर दी। तीन लोग मारपीट कर रहे थे। मुझे पेट सहित अन्य हिस्सों पर मारा गया। मेरा पिछले साल पेट का आपरेशन हुआ था।
जीएमसी के रिकवरी वार्ड में आदित्य को उपचार दिया गया। उधर, बच्चे की मौत के बाद परिवार वाले रात करीब 12.30 बजे उसके शव को लेकर चले गए। डाक्टर से मारपीट के बाद शनिवार की सुबह जूनियर डाक्टरों ने जीएमसी परिसर में विरोध रैली निकाली। उनका आरोप था कि आए दिन अस्पताल में अपर्याप्त सुरक्षा के कारण उन्हें लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। इससे उन्हें काम करने में मुश्किल होती है। उन्होंने ओपीडी बंद करो के नारे लगाए। इस बीच जीएमसी में सीनियर डाक्टर मरीजों को ओपीडी में देखते रहे। एसएमजीएस में भी सलाहकार डाक्टरों ने मरीजों को देखा।
बाल रोग विभाग के एचओडी डा. जीएस सैनी के अनुसार डाक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया है। ओपीडी में जूनियर डाक्टर नहीं थे, लेकिन सलाहकार डाक्टरों ने सेवाएं दी हैं। इससे मरीज अधिक प्रभावित नहीं हुए हैं।
ओपीडी सेक्शन में मरीजों की भीड़ रही
जम्मू। जूनियर डाक्टरों के शनिवार की सुबह अचानक हड़ताल पर चले जाने से जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल की ओपीडी सेक्शन में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। सीनियर डाक्टर ओपीडी में बैठे थे,लेकिन लगभग सेक्शनों से जूनियर डाक्टरों के गायब रहने से सारा लोड सीनियर डाक्टरों पर रहा। इससे उन्हें ही सभी मरीज देखने पड़े, जबकि ओपीडी के दौरान आधा काम जूनियर डाक्टरों में बांट दिया जाता है।
एसएमजीएस में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे
जम्मू। तीमारदार द्वारा डाक्टर से मारपीट की घटना के बाद एसएमजीएस में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने का फैसला लिया गया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दारा सिंह ने बताया कि शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस के कुछ अतिरिक्त कर्मी तैनात किए गए। सीआरपीएफ बल को भी तैनात करने के लिए मांग की गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से तीमारदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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