घाटी में उत्पन्न तनाव के बाद जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जवाहर टनल से लेकर श्रीनगर तक पूरा हाईवे पत्थरों से पटा पड़ा हुआ है। सड़क पर जलते टायर और पेड़ हिंसा की कहानी बयां कर रहे हैं।
हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शुक्रवार रात से ही उपद्रव शुरू हो गया था। शनिवार को सुबह से ही भीड़ सड़कों पर उतर पड़ी और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
काजीगुंड, अनंतनाग, बिजबिहाड़ा, संगम, पांपोर आदि इलाकों में जबर्दस्त पत्थरबाजी की गई। सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। सुरक्षा के लिए तैनात जवानों पर पत्थर बरसाए गए। इससे पूरी सड़क पत्थरों से पट गई। इतने पर भी भीड़ नहीं मानी। जगह-जगह टायर जलाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
हालत यह रही कि जवाहर टनल से आगे किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया जा रहा था। देर रात कुछ वाहनों को छोड़ा भी गया, लेकिन सड़क पर पत्थरों तथा जगह-जगह जलते टायर और पेड़ों की वजह से रफ्तार काफी कम रही। हालांकि, सुरक्षा बलों की ओर से पत्थरों को हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है।