गौरण में पानी की चपेट में आए मार्ग किनारे बने पांच खोखे
पोल्ट्री फार्म में पानी घुसने से अंदर रखे 3000 चूजों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में सोमवार देर रात हुई बारिश के कारण नदी नाले उफान पर रहे। इस कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। सड़क संपर्क टूटने से 24 गांव की 5000 आबादी प्रभावित हुई। पहाड़ी गांव गौरण में मार्ग किनारे बने पांच खोखे पानी की चपेट में आ गए और उनमें रखा सामान बह गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह हुई बारिश से बुधबाना के सुरेश सिंह के पोल्ट्री फार्म में पानी घुसने से फार्म के अंदर रखे 3000 चूजे मारे गए। देव स्थान बाबा शिबो गौरण में छोटे दुकानदारों के खोखे भी पानी की चपेट में आ गए। इसमें दुकानदारों का सामान पानी में बह गया। स्थानीय दुकानदार सुषमा देवी, शुभ लता, कुलदीप राज, सोम दत्त ने बताया कि बह बाबा के देव स्थान पर आने वालों के लिए प्रसाद व अन्य सामान बेचकर गुजारा करते थे।
उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह हुई बारिश से खोखे के अंदर रखा सारा सामान पानी में बह गया। उधर, गौरण से समोठा की ओर जाने वाला मार्ग टूट गया। देव स्थान के सेवक महंत देस राज गिरी ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से मांग की थी कि समोठा मार्ग पर पुलिया बनाई जाए, ताकि लोगों को आने जाने की सुविधा मिल सके। मगर पुलिया नहीं बनने से बारिश ने मार्ग को ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इस कारण समोठा के साथ आधा दर्जन गावों के ग्रामीणों को परेशानी बनी रही। कस्बे के चक मंगा में भी लोगों के घरों में पानी घुस गया। इससे घरों में रखा घरेलू सामान नष्ट हो गया।
बॉक्स
बारिश से कच्चा मकान ढहा, मकान मालिक बाल बाल बचा
प्रधानमंत्री आवास योजना का नहीं मिला अभी तक लाभ
अरनिया। सुचेतगढ़ ब्लॉक की पंचायत तल्हाड़ के अंतर्गत आती वार्ड नंबर 3 के निवासी हंसराज पुत्र करतार चंद के कच्चे मकान की छत बारिश के चलते ढह गई। इसमें हंसराज की जान बाल बाल बची। हंसराज ने बताया कि 4 दिन पहले तेज बारिश के चलते उसके मकान की छत ढह गई। उन्होंने बताया कि रोजाना की तरह वह कमरे में सो रहे थे। तेज बारिश से छत ढहना शुरू हुई तो, वह अचानक जाग उठे।
इस दौरान उन्होंने देखा कि छत की मिट्टी टूटकर गिर रही है तो वह तुरंत बचाव करते हुए दूसरे कमरे में चले गए। दूसरे कमरे में पहुंचे तो आवाज आई। बारिश रुकने के बाद जब उन्होंने देखा कि छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पंच, सरपंच को बार-बार अवगत करवाया गया है। मगर इसके बावजूद अभी तक उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वह पहले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्य थे।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सरपंच को कहा तो उन्होंने कहा कि आप सरकारी दायरे में आते हैं। इसके चलते योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। उसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ की उम्मीद छोड़ दी। मगर पिछले एक साल से वह विलेज डिफेंस कमेटी को छोड़कर फैक्ट्री में मजदूर का काम कर रहे हैं।
पिछले 1 साल से ग्राम सेवक, पंच, सरपंच या क्षेत्र के किसी नेता ने उनके पक्के मकान के लिए जद्दोजहद नहीं की है। उन्होंने कहा कि कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने से वह सपरिवार एक ही कमरे में सिमट कर रह रहे हैं। परंतु बरसात के मौसम में दूसरे कमरे की छत गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
सूचना मिलते ही हंसराज के घर का मुआयना कर लिया है। कच्चा मकान गिरने की फोटो ली गई है। दफ्तर में रिपोर्ट सबमिट करवा दी है।
हंस राज, ग्राम सेवक पंचायत तल्हाड़
तत्काल ही पटवारी को क्षतिग्रस्त मकान की रिपोर्ट देने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद तत्काल मुआवजे के लिए केस बनाकर आगे फॉरवर्ड कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का जिम्मा खंड विकास अधिकारी का रहता है।
राहुल शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़
तत्काल मुआवजे के लिए रेवेन्यू विभाग रिपोर्ट करेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका नाम अगले सर्वे में डाल दिया जाएगा। फिलहाल तत्काल मुआवजे के लिए उन्हें रेवेन्यू विभाग से मिलना चाहिए।
प्रदीप सिंह, खंड विकास अधिकारी सुचेतगढ़ अतिरिक्त कार्यभार