सांबा। पशु पालन विभाग की ओर से लावारिस पशु उपचार अभियान शुरू किया गया। अभियान की शुरूआत पशु पालन विभाग के जिला मुख्य अधिकारी डॉ. राहुल देव नेतृत्व में चलाया गया।
अभियान मंडी संगवाली, बनतालाब, मंडी गुरगालियन, मंडी खैरी, मंडी पुशवालियां में चलाया गया। डॉ. राहुल देव ने कहा कि क्षेत्रों में कई लावारिस पशु हैं, जिनका पहले ही इलाज किया जा चुका है, बाकी लावारिस पशुओं को संक्रमण के अनुसार उपचार दिया गया। कम लक्षण वाले पशुओं को मक्खियों और मच्छरों जैसे रोग वाहकों की रोकथाम के लिए छिड़काव किया गया और अन्य में एनरोफ्लोक्सासिन, मल्टीविटामिन जैसे एंटीबायोटिक्स दिए गए। जिन जानवरों के खुले घाव थे, उन्हें स्किनहील स्प्रे, हेमैक्स के साथ-साथ एंटीबायोटिक इंजेक्शन के साथ प्राथमिक उपचार दिया गया।
इस अवसर पर सीएएचओ सांबा ने कहा कि इस तरह के अभियान अतीत में भी चलाए गए हैं और भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि पशुओं में एलएसडी को रोका जा सके। उन के अनुसार कि पहले से ही गहन उपचार आहार, घर-घर जागरूकता अभियान युद्ध स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग लावारिस पशुओं के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ पशुओं में रोग फैलने से रोकने के लिए नगर पालिकाओं के समन्वय से विभिन्न क्षेत्रों में पशु की आबादी वाले क्षेत्रों में फॉगिंग भी करा रहा है।
अभियान में डॉ. नीतीश भट्टी, पशु कल्याण के लिए बनी सामाजिक संस्था के सदस्यों और विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।