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Jammu News: डेंगू से ज्यादा चिकनगुनिया ने दिया दर्द

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- पहली बार जम्मू में चिकनगुनिया के 500 से अधिक मामले रिपोर्ट हो चुके, एक से दो माह तक जोड़ों में रहा रहा दर्द
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विशेषज्ञों का तर्क, बढ़ते शहरीकरण, विस्थापित आबादी व जलवायु परिवर्तन से मच्छरों के हमले बढ़े
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू में बढ़ते शहरीकरण, विस्थापित आबादी और जलवायु परिवर्तन ने मच्छरों के हमलों को और प्रभावी बना दिया है। इस बार डेंगू से अधिक चिकनगुनिया ने परेशान किया है। पहली बार जम्मू में अब तक चिकनगुनिया के 500 से अधिक मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। इससे मरीजों को चार हफ्ते से दो माह तक जोड़ों के तेज दर्द की शिकायत हो रही है। कइयों की हालत ऐसी है कि चलना भी मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार विस्थापित आबादी चिकनगुनिया का एक बड़ा कारण देखा जा रहा है, जिससे वायरस को फैलने में मदद मिली है। राज्य एपिडेमियोलॉजिस्ट डाॅ. हरजीत राय के अनुसार, इस बार बुखार और मांसपेशियों के दर्द वाले बड़ी संख्या में संदिग्ध मामले रिपोर्ट हुए हैं। परीक्षण बढ़ाने पर पांच सौ से अधिक चिकनगुनिया के मामले मिल चुके हैं। हालांकि चिकनगुनिया से कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई है, लेकिन बुखार के ठीक होने के बाद शारीरिक समस्याएं बढ़ी हैं।
जीएमसी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के एचओडी डाॅ. संदीप डोगरा के अनुसार, इस साल डेंगू, चिकनगुनिया के साथ वायरल बुखार सक्रिय रहा है। चिकनगुनिया के मामले अधिक रिपोर्ट हुए हैं। डेंगू के डेन 2 और डेन 4 स्ट्रेन मुख्य रूप से सक्रिय हैं। कई लोगों को डेंगू के साथ चिकनगुनिया हो रहा है। जिसमें सिरो टाइप में संक्रमण फैलने के कारण हाइपर एंडिमिक में मानव शरीर में मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द रहता है। इसमें संक्रमण के फैलने की आशंका अधिक रहती है, जिससे शारीरिक रूप से कमजोर बच्चे और बुजुर्ग अधिक चपेट में आए हैं। तीन वायरस से वायरल लोड भी अधिक रहा है। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी डाॅ. अनिल शर्मा ने बताया कि पहली बार जम्मू में चिकनगुनिया के इतने मामले रिपोर्ट हुए हैं। मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द का कारण चिकनगुनिया है।
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मच्छरों के लिए काफी हद तक हम ही जिम्मेदार
डेंगू और अन्य मच्छरों के पनपने के लिए हम लोग ही काफी हद तक जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू का लारवा साफ पानी में पैदा होता है। स्मार्ट सिटी के नाम पर ड्रेनेज को अधिकांश जगह ब्लाॅक कर दिया गया है। जिसमें कई जगह ड्रेनेज में खड़े साफ पानी में ही मच्छर पैदा हो रहा है। डेंगू का मच्छर 100 से 200 मीटर के दायरे में ही पहुंचकर काटता है। डेंगू के अधिकांश मामले शहरी इलाकों से ही रिपोर्ट हुए हैं।
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पारा गिरने पर डेंगू के मामलों
में गिरावट, 37 नए केस मिले
पारा गिरने के साथ डेंगू के मामलों में गिरावट आ रही है। जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को डेंगू के 37 नए मामले मिले हैं। इसमें 26 सर्वाधिक मामले जम्मू जिले से हैं। उधमपुर और रामबन में 5-5 और सांबा में एक मामला मिला है।
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