जम्मू। जम्मू-कश्मीर में गिरते पारे के दौरान बरती जा रही लापरवाही सेहत को बिगाड़ रही है। जम्मू समेत कई जिलों में दिन का तापमान 26 से 27 डिग्री और रात का 8 से 10 डिग्री के बीच चल रहा है। तापमान के अंतर से वायरल बीमारियों ने लोगों को घेरना शुरू कर दिया है। खास कर कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खांसी, जुकाम और वायरल के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें दो साल से कम आयु के बच्चों में निमोनिया की शिकायत ज्यादा हो रही है।
शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस (श्री महाराजा गुलाब सिंह) अस्पताल की रोजाना की बाल ओपीडी 300-400 है, जिसमें पचास प्रतिशत मामले निमोनिया और सर्दी के पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग के एचओडी डॉक्टर जीएस सैनी ने बताया कि सर्द हवाओं की चपेट में आने से बच्चे जल्दी बीमार होते हैं। यह ठंड निमोनिया का कारण भी बनती है। इस कारण बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। लोग दिन में तापमान अधिक रहने से खुद और बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने से परहेज कर रहे हैं, जबकि शाम को ठंड बढ़ने से लोग बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में दिन और रात के पहनावे पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खानपान में बच्चों को ठंडी चीजें देने से परहेज करें। बच्चों को नंगे पांव न घूमने दें। उन्हें गर्म कपड़ों के साथ जूते पहनाएं। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉक्टर फैयाज वानी का कहना है कि इस मौसम में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। विभाग की सामान्य 250-300 ओपीडी में 70-80 मरीज सर्दी से जुड़ी बीमारियों के आ रहे हैं। बारिश न होने के कारण वायरल बीमारियों में वृद्धि होगी।
खुश्क सर्दी ने ड्राईनेस की समस्या बढ़ी
एसएमजीएस के त्वचा विभाग के एचओडी डॉक्टर देवराज डोगरा के अनुसार खुश्क सर्दी में ड्राईनेस की समस्या बढ़ी है। ऐसे मामलों में पीड़ित कई बार अधिक खारिश करके शरीर पर जख्म कर देता है। बुजुर्गों और बच्चों में यह समस्या अधिक रहती है। इस मौसम में अधिक साबुन का इस्तेमाल न करें। गुनगुने पानी से नहाएं और शरीर में नारियल व अन्य तेल, वैसलीन जैली आदि का इस्तेमाल करें। शरीर में पहले कपड़े की लेयर काटन की डालें और उसके ऊपर सिंथेटिक व ऊनी कपड़े डाल सकते हैं। मौजूदा त्वचा 280-300 की ओपीडी में 100 मामले ड्राईनेस की समस्या से जुड़े मामले पहुंच रहे हैं। मधुमेह, किडनी, हृदय रोगियों को ऐसे मौसम में ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत होती है।
ये बरतें सावधानियां
1. पौष्टिक आहार लें, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी
2. खानपान का विशेष ध्यान रखें और पर्याप्त पानी पीएं
3. ठंडे पदार्थों के सेवन से हो सकता है वायरल बुखार
4. सिर दर्द या बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें दवा