जम्मू। पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने कोरोना महामारी के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 181 प्रशिक्षित पेशेवरों को हटाने की कड़ी निंदा की। हर्ष देव सिंह ने कहां की सरकार का कदम तानाशाहीपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना है। जहां प्रदेश में जानलेवा वायरस के खिलाफ लड़ने वाले फ्रंट लाइन योद्धाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए वहां पर सरकार गलत निर्णय ले रही है। स्टाफ नर्स और पैरामेडिक सहित उक्त स्वास्थ्य पेशेवरों को एसआरओ 384 के तहत एक उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए SRO 24 के तहत चुना गया था। उन्होंने कहा कि पैंथर्स पार्टी ने इस संबंध में भारत के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश के उपराज्यपाल से स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के टर्मिनेशन ऑर्डर को वापस लेने की मांग की है।भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार, विशेष वार्डों में प्रत्येक 4 बेड के लिए एक स्टाफ नर्स होनी चाहिए, जबकि सामान्य वार्डों में प्रत्येक छह बेड के लिए एक नर्स होनी चाहिए। जम्मू और कश्मीर में नर्स अनुपात वर्तमान में 30: 1 है, नर्सिंग कर्मचारियों के लिए रोगियों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यावहारिक रूप से असंभव था और विशेष रूप से वर्तमान परिदृश्य में जहां कोरोना अपनी घातक गति के साथ फैल रहा था।