जम्मू। देशभर में लू से हो रही मौतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर जम्मू संभाग के स्वास्थ्य केंद्रों में गर्मी संबंधी मामलों के लिए सभी जरूरी चिकित्सा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए आपात कक्षों (इमरजेंसी) को हीट स्ट्रोक कक्षों के तौर पर मजबूत बनाया गया है। इसके साथ आपात कक्षों में अलग से ओआरएस कार्नर स्थापित किए गए हैं, ताकि डिहाइड्रेशन और लू के गंभीर मामलों को तत्काल संभाला जा सके। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से एक पोर्टल शुरू कर दैनिक आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों से लू और गर्मी संबंधी मामलों की जानकारी ली जा रही है।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डाॅ. राकेश मगोत्रा ने बताया कि लू और गर्मी संबंधी चिकित्सा मामलों के लिए क्या करें, क्या न करें, पर एडवाइजरी जारी की गई है। जिन अस्पतालों में वातानुकूलित का प्रबंध नहीं है, वहां बर्फ का प्रावधान किया जा रहा है। इसमें गंभीर मामला आने पर तत्काल जरूरत के मुताबिक बर्फ लाकर पीड़ित के शरीर को तुरंत ठंडा किया जा सकेगा। संभाग के दस जिलों में लगभग आपात कक्षों को वातानुकूलित बनाया गया है। जम्मू संभाग में फिलहाल लू और हीट स्ट्रोक का कोई गंभीर मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। डिहाइड्रेशन सहित अन्य सामान्य मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कुछ केंद्रों पर बर्फ के साथ बाडी बैग का प्रबंध किया जा रहा है। इन बैग में ठंडा पानी या बर्फ के साथ पानी डालकर पीड़ित का मुंह बाहर रखकर लिटा दिया जाता है, ताकि शरीर का तापमान एकदम से नीचे आ जाए। सरवाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुनील केलू ने बताया कि फिलहाल लू के गंभीर मामले अस्पताल में नहीं आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद आपात कक्षों को और मजबूत बनाया गया है। इन कक्षों में गर्मी संबंधी चिकित्सा मामलों में तत्काल उपचार देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जम्मू समेत अन्य हिस्सों में पिछले दो दिन से गर्मी से थोड़ी राहत बनी हुई है। गत दिनों दिन में धूप के बाद शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 8 जून तक मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा।