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Jammu News: बिना लहसुन व प्याज के कश्मीरी व्यंजनों में लगा स्वाद का तड़का

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। गुलशन ग्राउंड में लद्दाख, जम्मू-कश्मीर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड डेवलपमेंट डायलॉग (लीड) के महोत्सव 2023 के दूसरे दिन 25 हजार से अधिक लोगों ने परिवारों सहित हिस्सा लिया। 100 से अधिक स्टाल, सेना की टाइगर डिवीजन की विशेष प्रदर्शनी में रुचि दिखाने के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में उपस्थिति
दर्ज कराई।

महोत्सव 2023 का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों, उद्यमिता, शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत से लोगों को अवगत करवाना था। पांच प्रमुख कार्यक्रम नाट्य उत्सव, डुग्गर मलाटी, प्रेरणा प्रवाह, खेल सम्मान उत्सव, गतका और रंग तरंग हुए। अंतिम दिन कश्मीरी पंडितों ने बिना लहसुन, प्याज और टमाटर से स्वादिष्ट खाना बनाया। स्टाल में तेल और मसालों से बने व्यंजनों का लोगों ने खूब स्वाद लिया। पनीर, दाल, खट्टे बैंगन, राजमाह और कूटे धान के चावलों को मिट्टी की हांडी में तैयार कर परोसा गया। सुबह से ही व्यंजन खाने के लिए लोग उमड़ने लगे। दोपहर दो बजे तक भोजन समाप्त हो गया। वर्षों पुरानी परंपरा निभा रहे कश्मीरी पंडितों ने प्राचीन संस्कृति से अवगत करवाया। खाने को मिट्टी के बर्तनों में परोसा गया। कश्मीरी पंडितों ने बताया कि शिवरात्रि और अन्य पर्व पर इसी अंदाज में खाना खिलाया जाता है। अब जम्मू-कश्मीर सहित लद्दाख से आए लोगों को भोजन परोसा गया। दोपहर 12 बजे दूसरी बार खाना बनाया गया जो दो घंटे में ही खत्म हो गया। विश्व कश्मीरी समाज के समन्यवक किरण वातल ने बताया कि स्टाल के माध्यम से कश्मीरी पंडितों के रहन-सहन और खान-पान के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
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डोगरी में शादी, लद्दाख की नाटी ने मनमोहा

उत्सव 2023 में जहां लोग जम्मू, कश्मीर और लद्दाख की संस्कृति से रूबरू हुए वहीं, कलाकारों ने डोगरी संस्कृति पर शादी का रूपायन किया। शादी से पहले से लेकर अंतिम रिवाज के चित्रण प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। दिखाया गया कि दूल्हा और दुल्हन को तैयार करने के साथ मंत्र उच्चारण व हवन शुरू होता है। कुल देवता और देवी को मनाने के लिए पूजा की जाती है और हर ओर गीत गूंजते हैं। दुल्हन के घर रस्मों को पूरी तरह से निभाया जाता है और दुल्हन को दूल्हा अपने साथ घर लाता है। सभी एक-दूसरे को बधाई देते हैं। इस दौरान रामलीला का मंचन किया गया। इसमें प्रभु श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास और अयाेध्या लौटने तक के दृश्य पेश किए गए। वहीं, स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बाधा। एक के बाद लोक नृत्य पेश कर तालियां बटोरीं। घाटी से आए कलाकारों ने भी मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने लोक नृत्य के अलावा भजन प्रस्तुत किए। इसी तरह लद्दाख के कलाकारों ने नाटी के माध्यम से संस्कृति से अवगत करवाया।
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उत्सव 2023 गौरव की बात : सांसद जुगल

जम्मू। प्रदेश में उत्सव 2023 से दोनों यूटी के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति जानने का मौका मिला है। यह सभी के लिए गौरव की बात है। एनजीओ सराहनीय काम कर रही हैं। उनके प्रयास को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात सांसद जुगल किशोर ने एनजीओ के पदाधिकारियों को सम्मानित करते कही। उन्होंने कहा कि एनजीओ के माध्यम से भी संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, राज्यसभा सांसद गुलाम नबी खटाना ने कहा कि यहां प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है। प्रदेशभर से कलाकारों, बच्चों ने बेहतरीन कला का नमूना पेश किया। संवाद
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