सरकार पूर्व विधायक इंजीनियर राशिद सहित सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करे। पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) को हमेशा के लिए खत्म किया जाए। यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के आरिगाम खान साहब इलाके में प्रेसवार्ता में उठाई है। साथ ही कहा कि सरकार सिर्फ लोगों को परेशान करना जानती है। जम्मू-कश्मीर को लोकतांत्रिक सरकार की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने में देरी का कारण जानने के लिए निर्वाचन आयोग से मिल रहा है। चुनाव आयोग से मिलने में कुछ भी गलत नहीं है। गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछली बार जम्मू-कश्मीर में 2014 में चुनाव हुए थे और उसके बाद से कोई चुनी हुई सरकार नहीं है। उमर ने कहा कि सरकार से मिलने में कोई मज़ा नहीं है, क्योंकि यह उनकी बात नहीं सुनती है। हमने सरकार से मिलना बंद कर दिया है।
एप्टेक मामले में शासन देर आया, दुरुस्त आया
वहीं, एप्टेक जॉब रिक्रूटिंग एजेंसी पर विवाद के बाद जेकेएसएसबी द्वारा परीक्षाओं को स्थगित करने के बारे में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि शासन देर आया और दुरुस्त आया। हालांकि, उन्होंने पूरी जांच की मांग की और कहा कि कुछ गड़बड़ है और लोग जानना चाहते हैं कि एक ब्लैक लिस्टेड एजेंसी को जम्मू-कश्मीर में ठेका क्यों मिला।