जीएमसी जम्मू के यूजी बॉयज हॉस्टल में रैगिंग मामले में सोमवार को जीएमसी प्रशासन की ओर से छह छात्रों के बयान दर्ज किए गए। प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता की मौजूदगी में कॉन्फ्रेंस हाल में एंटी रैगिंग समिति ने सभी छात्रों से बारी-बारी जानकारी ली। समिति की ओर से मंगलवार को दूसरी बैठक बुलाई गई है।
निरीक्षण के लिए रैगिंग में इस्तेमाल कमरे को फिलहाल बंद रखा गया है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिषद (एनएमसी) ने भी जीएमसी प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
कॉन्फ्रेंस हाल में समिति के सदस्यों ने चारों आरोपी छात्रों को बुलाकर बयान लिए। इसके बाद दो पीड़ित छात्रों को बुलाया गया। फिर सभी छात्रों को साथ बिठाकर चर्चा की गई। घटना में घायल छात्र दाऊद की आंख में सुधार हुआ है।
आरोप है कि उस पर रैगिंग के चलते बाल्टी से हमला किया गया था, जिससे आंख को चोट पहुंची है। सूत्रों के अनुसार एनएमसी को रैगिंग की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली, जिस पर उसने रिपोर्ट तलब की। रैगिंग के लिए कमरे का इस्तेमाल करवाने वाले एक छात्र को फिलहाल दूसरे किसी साथी के साथ एडजेस्ट होने को कहा गया है।
प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। सभी पक्षों को सुना जा रहा है। एंटी रैगिंग समिति सबूतों के आधार पर सिफारिशें देगी। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी संस्थान में रैगिंग प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इस बीच हॉस्टल के दूसरे छात्रों में सोमवार को चर्चा होती रही। बताया जाता है कि छात्रों के बीच अलग-अलग गुट सक्रिय हैं जिससे झड़प की घटनाओं की आशंका रहती है।