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जम्मू: जन्मतिथि बदलकर MBBS में पाया प्रवेश, जीएमसी की प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज हुआ केस

Tue, 04 Jul 2023 10:54 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

आरोप लगाया गया है कि जीएमसी जम्मू की डॉ. शशि सूदन ने जीएमसी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए जन्मतिथि के दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की है।
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जीएमसी जम्मू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जन्मतिथि दस्तावेज में छेड़छाड़ के आरोप में जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन के खिलाफ अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज की है। आरपीसी 420, 465, 467, 468, 471, 120बी और 5(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया है।
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मनु गुप्ता निवासी छन्नी हिम्मत ने शिकायत में आरोप लगाया कि डॉ. शशि सूदन ने जीएमसी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए जन्मतिथि के दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की है। एमबीबीएस प्रवेश के लिए उनकी उम्र कम थी, जिसके लिए जन्मतिथि दस्तावेज में छेड़छाड़ कर अपनी उम्र 8 अप्रैल 1965 बताई गई जबकि 1981 में वह उम्र के हिसाब से योग्य नहीं थीं।

एमसीआई की गाइडलाइन में 31 दिसंबर तक उम्मीदवार का 17 साल का होना जरूरी था। डॉ. सूदन की उस समय उम्र 16 साल और आठ माह थी। आरोप है कि उन्होंने जन्मतिथि के दस्तावेज में फर्जीवाड़ा कर नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि योग्य उम्मीदवार का हक छीन लिया।
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जांच में पाया गया कि डॉ. सूदन ने दो जन्मतिथि के दस्तावेजों को पेश किया। एक में उनका जन्म 8-4-1964 और दूसरे में 8-4-1965 दर्शाया गया। 1981 में उन्हें दाखिला मिला और उसके बाद 1965 के बजाय 1964 में जन्मतिथि में अपेक्षित सुधार करवाया। इससे यह भी पता चलता है कि वह जन्मतिथि के बारे में अच्छी तरह से जानती थीं। एमसीआई की गाइडलाइन के मुताबिक असली जन्मतिथि के हिसाब से वह पाठ्यक्रम के लिए पात्र नहीं थीं।

सहायक सर्जन के पद के लिए जन्मतिथि बताई 8-4-1965, आधार कार्ड पर 8-4-1964

1988 में सहायक सर्जन के तौर पर नियुक्ति के दौरान उनकी जन्मतिथि 8-4-1965 दर्शाई गई। सेवाकाल में लाभ पाने के लिए पैन कार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ की गई जबकि आधार कार्ड पर जन्मतिथि 8-4-1964 है। आशंका है कि आरोपी ने जम्मू कश्मीर बोस के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जालसाजी की साजिश बुनी। इससे राज्य के खजाने को नुकसान हुआ । मामले की गहनता की जांच के लिए डीएसपी भगवान दास को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने और पद से निलंबित करने का प्रावधान है।
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