जम्मू। जम्मू कश्मीर के एचआईवी संक्रमित मरीजों को राहत मिलेगी। अब उन्हें एचआईवी वायरल लोड परीक्षण की रिपोर्ट के लिए हफ्ते का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह परीक्षण जीएमसी की माइक्रोबायोलॉजी लैब में शुरू किया है, जिसमें एक ही दिन में रिपोर्ट दी जाएगी। इसके लिए जीएमसी प्रशासन ने जम्मू कश्मीर एड्स नियंत्रण सोसायटी (जेकेएसीएस) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। सोसायटी की ओर से जीएमसी को परीक्षण के लिए महंगी किट उपलब्ध करवाई जाएगी।
इससे पहले इलाज में बार-बार एचआईवी वायरल लोड का परीक्षण करना पड़ता था, क्योंकि जम्मू संभाग में परीक्षण की सुविधा नहीं थी। इस कारण पीड़ितों के सैंपल चंडीगढ़ में सरकारी लैब में भेजे जा रहे थे। वहां से एक हफ्ते बाद रिपोर्ट आती थी। फिर लोड के मुताबिक पीड़ित को दवा की डोज दी जाती थी। हफ्ते में करीब सौ सैंपल बाहर भेजे जा रहे थे। मगर अब जीएमसी में वायरल लोड की सुविधा शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी।
जीएमसी की माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोविड के दौरान अत्याधुनिक मशीन कोबास-आरटी-पीसीआर स्थापित की थी, जिसका एचआईवी वायरल लोड के परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। एक समय में एक हजार परीक्षण होंगे। भविष्य में पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक जेएंडके एड्स कंट्रोल सोसायटी जम्मू डॉ. मनु भटनागर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. संदीप डोगरा की उपस्थिति में किए गए।