अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। किसी भी बड़े चिकित्सा संस्थान में पूछताछ या मे आई हेल्प यू केंद्र राहत देते हैं। इन केंद्रों से मरीज सही जानकारी पाकर निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर इलाज करवाते हैं, लेकिन जीएमसी में हालात विपरीत हैं। यहां इमरजेंसी के बाहर मे आई हेल्प यू केंद्र के कर्मी मरीजों की मदद करने के बजाय पेड़ों की छंटाई में लगे हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को टेस्ट परीक्षणों के लिए निर्धारित स्थानों की जानकारी नहीं मिल रही और वे परिसर में ही भटक रहे हैं। कई बार मरीज के खून के सैंपल भी खराब हो जाते हैं।
सोमवार दोपहर को बाईं बजालता (सिद्दड़ा) निवासी मोहम्मद रफीक हाथ में मरीज के खून का सैंपल लेकर ओपीडी की लैब को ढूंढ रहे थे। परेशान अवस्था में हर व्यक्ति से लैब के बारे में पूछ रहेे थे। उसने बताया कि उसका मरीज इमरजेंसी में भर्ती है और डॉक्टर ने कई सैंपल लिखकर दिए। इमरजेंसी की लैब में पहुंचा तो कहा-ओपीडी की लैब में जाओ, लेकिन वह मिल नहीं रही। एसएमजीएस अस्पताल शालामार से पर्ची लेकर पहुंचा खुशवंत भी ओपीडी लैब के बाहर भटक रहा था।
उसने बताया कि पर्ची पर जीएमसी के 5वें फ्लोर पर पैथोलॉजी विभाग में जांच करवाने के लिए कहा है, लेकिन पूछताछ केंद्र नहीं होने के कारण दरबदर भटक रहा है। अगर अस्पताल के द्वार पर ही पूछताछ केंद्र होता तो निर्धारित स्थान पर चला जाता। इस बारे में जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
हाथ में सैंपल लेकर इधर-उधर भटक रहे तीमारदार
राय सुचानी निवासी बलवीर कुमार ने कहा कि उनका मरीज वार्ड 12 में भर्ती है और वह सैंपल लेकर लैब को ढूंढ रहे हैं, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही। ओपीडी लैब में किसी तरह से पहुंचे तो उन्हें बोला गया कि दूसरी जगह जाओ, लेकिन कोई भी निर्धारित स्थान के बारे में बता नहीं रहा। तीमारदार विशाल ने कहा कि जीएमसी जैसे बड़े संस्थान में मरीजों और तीमारदारों को सभी जरूरी जानकारी मुहैया करवाने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। गरोटा निवासी शमशेर अली भी मरीज का सैंपल लेकर ओपीडी लैब को ढूंढ रहे थे और हर जाने वाले से पूछ रहे थे।