फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: शुक्र है बच गया जीएमसी... जंक यार्ड में पौने घंटे तक आग, एसी कंप्रेशर में धमाका

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


जम्मू। भगवान का शुक्र है कि जीएमसी बच गया, वरना भयानक तबाही का मंजर देखने को मिलता। शुक्रवार देर रात एक बजे के करीब जंक यार्ड में आग लग गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ के साथ-साथ तीमारदार इधर उधर भागने लगे। आग की तेज लपटों ने पूरे यार्ड को चपेट में ले लिया। यार्ड में नीलामी के लिए रखा पुराना चिकित्सा सामान जल गया। इसी बीच, पुराने एसी के कंप्रेशर में धमाका हुआ। शवगृह के शीशे टूट गए जिसकी जद में आने के कारण एक कर्मचारी घायल हो गया।

घटनास्थल की दीवार से सटे स्पाइनल वार्ड-2 के मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। अग्निशमन वाहन ने पौने घंटे में आग पर काबू पा लिया। गनीमत रही कि आग शवगृह के पास लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट तक नहीं गई। अगर ऐसा हो जाता तो जोरदार धमाके से मेडिकल कॉलेज उड़ जाता। शवगृह के चश्मदीद कर्मचारी अमित ने बताया कि शुक्रवार देर रात वह आराम कर रहा था, तभी शवगृह के साथ यार्ड में आग की लपटें और धुएं के गुब्बार उठने लगे। वह आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचा तभी जोरदार धमाका हुआ और शीशे के टूकड़े उसके सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में लग गए। इससे वह घायल हो गया। शवगृह के साथ सटे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 20 किलोलीटर है। इसे कोविड के दौरान अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्थापित किया था। विशेषज्ञों के अनुसार लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट तक आग पहुंच जाती तो पूरा मेडिकल कॉलेज हिल जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालात पर काबू पाने को तत्काल एक्शन लिया

जीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र बुतियाल ने बताया कि शुक्रवार देर रात जंक यार्ड में आग की सूचना मिलने पर स्थानीय सुरक्षा कर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। एक फायर ब्रिगेड को बुलाया गया जिसने आग पर काबू पा लिया। घटनास्थल के पास लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट होने के कारण आग पर काबू पाने के लिए तत्काल कार्रवाई की गई। जंक यार्ड में नीलाम किए जाने वाला सामान रखा गया है। आशंका है कि किसी ने वार्ड की तरफ से जलती हुई सिगरेट नीचे फेंक दी, जिससे आग लग गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें