जम्मू जीएमसी की इमरजेंसी में डॉक्टर से मारपीट के मामले में तीमारदारों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। घटना में नर्स की संलिप्तता की भी आंतरिक जांच की जाएगी। इमरजेंसी में सुरक्षा बढ़ाने के साथ पुलिस कर्मियों पर ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जीएमसी प्रशासन और रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच मंगलवार को हुई दो दौर की बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
रविवार रात इमरजेंसी में हड्डी रोग विभाग के पीजी तृतीय वर्ष के एक डॉक्टर के साथ मारपीट करने का मरीज के तीमारदारों पर आरोप है। यह भी आरोप है कि घटना में पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई नहीं की गई। जीएमसी प्रशासन के बैठक में रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में सुरक्षा के बावजूद तीमारदारों द्वारा हमले कर दिए जाते हैं, जिससे असुरक्षा का माहौल है। ऐसे वातावरण में काम करना मुश्किल है।
उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इस पर जीएमसी प्रशासन ने आश्वासन दिया कि तीमारदारों के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी। बैठक में आरडीए (रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन) के प्रधान डॉ. शुभम, उपप्रधान डॉ. नासिर, महासचिव डॉ. गुरबीर के अलावा पुलिस और जीएमसी प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से जानकारी हासिल की जा रही है। आरोप है कि एक नर्स के तीमारदारों ने डॉक्टर से मारपीट की थी, हालांकि यह जांच के बाद साफ होगा। खासतौर पर इमरजेंसी में सुरक्षा कर्मियों को मारपीट की घटना में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।