जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) जम्मू बेंच ने पुंछ में तैनात वन विभाग के डिविजनल फॉरेस्ट अफसर (डीएफओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह कदम तब उठाया जब पता चला कि डीएफओ ने अपने सरकारी वकील को गलत जानकारी दी और अदालत को यह कहकर गुमराह किया गया कि विभाग की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है। हकीकत में जवाब अभी तक दाखिल नहीं हुआ था। मामला गुरचरण सिंह बनाम वन विभाग जम्मू-कश्मीर से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जवाब दाखिल कर दिया गया है। बाद में जब रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ था। इस पर अदालत ने विभागीय अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताई और तत्काल यह आदेश पारित किया। कैट ने आदेश में कहा कि यह अदालत को गुमराह करने की गंभीर कोशिश है। ऐसे में न्यायाधिकरण को कठोर आदेश देने पर मजबूर होना पड़ा। अदालत ने तुरंत प्रभाव से डीएफओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीएफओ को अगली सुनवाई पर खुद पेश होकर यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने अपने वकील को गलत सूचना क्यों दी।मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी।