जम्मू नगर निगम का 23 जून को जनरल हाउस हुआ था, वो भी दो के बजाय एक ही दिन का। वीवीआईपी दौरों में निगम की कार्रवाई सिमट कर रह गई। अब वार्ड आरक्षण सूची जारी होने के शोर में अगस्त में होने वाली जनरल हाउस बैठक की संभावना भी कम दिख रही है। नगर निगम भंग होने में डेढ़ माह का समय शेष बचा है। पार्षद हाउस लगाने के बजाय चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त हो गए हैं। मेयर भी बैठक के लिए तिथि निर्धारित नहीं कर पाए हैं।
हालांकि पहले हुए जनरल हाउस में विकास के 14 में से 7 प्रस्तावों पर ही मंथन हुआ था। शेष बचे प्रस्तावों पर बहस नहीं हो पाई है। जुलाई में बुलाए विशेष सत्र में भी बिल्डिंग बायलाॅज लागू करने के लिए पार्षदों से सुझाव लिए गए थे, लेकिन विकास मसलों पर बहस नहीं हो पाई। अब चुनावी प्रक्रिया के लिए मतदान के कामों में पार्षद व्यस्त हैं। अगले सप्ताह वार्ड आरक्षण सूची जारी होने जा रही है। पांच साल में अभी तक नगर निगम की 21 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। जून में हाउस लगाने के लिए विपक्ष धरना प्रदर्शन और प्रेसवार्ता कर मांग कर चुका है। इस बार अभी तक न तो पार्षदों और न ही मेयर की ओर से हाउस लगाने के लिए पहल की गई है।
यह भी है हाउस न लगने का बड़ा कारण
बरसात में नाले, नालियां और अन्य मुद्दे हैं, जिनके लिए बजट ही नहीं मिला है। इस पर हंगामा होने के आसार हैं। इस कारण भी हाउस नहीं लग पा रहा है। बारिश से जलभराव हो रहा है। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क, वाटर कूलर, सफाई जैसे मसलों पर भी मंथन नहीं हो सका है। ये सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
इन प्रस्तावों पर होना है मंथन
वार्ड-19 के पार्षद अमित गुप्ता रेहड़ी लाइसेंस देने और रेहड़ी जोन बनाने पर प्रस्ताव लाएंगे। वार्ड-21 की पार्षद भानू महाजन शहर में तारों के जंजाल को खत्म करने पर प्रस्ताव रखेंगी। बिजली, बीएसएनएल, निजी दूरसंचार कंपनियों के तार लटक रहे हैं। वार्ड-23 के पार्षद पवन सिंह बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग लोगों की पेंशन बहाल करने पर प्रस्ताव रखेंगे। पार्षद सुरेंद्र सिंह जम्मू में प्रति व्यक्ति 3.800 किलो आटा, जबकि कश्मीर में प्रति सदस्य 11 किलो आटा देने पर प्रस्ताव रखेंगे। दोनों संभागाें में राशन का वितरण एक सामान करने की मांग सहित अन्य प्रस्तावों पर मंथन होगा।
बैठक नियमित होनी चाहिए। जुलाई में भी बिल्डिंग बायलाॅज पर विशेष सत्र हुआ, लेकिन शहर के विकास पर कोई मंथन नहीं हो सका है।
- अमित गुप्ता, निर्दलीय पार्षद, वार्ड-19
हाउस में लोगों की समस्याओं का निदान किया जाना है। जुलाई में हाउस होना चाहिए था अब अगस्त माह भी आधा बीत गया है। मेयर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
- चंद्र मोहन गुप्ता, पूर्व मेयर
चार नए वार्डों में विकास के लिए बजट चाहिए था, लेकिन अब हाउस लगाने में मेयर पीछे हट रहे हैं। हाउस हर माह लगना चाहिए। सितंबर के अंत में नगर निगम के भंग होने के आसार हैं।
- शौकत अली, पार्षद, वार्ड- 74
अब नगर निगम भंग होने में कम समय है। इसी दौरान शहर के विकास पर मंथन के लिए हाउस की बैठक होनी चाहिए, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। समस्याओं पर कब मंथन होगा?
- द्वारका चौधरी, नेता विपक्ष
इस माह चुनावी प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच पार्षदों के साथ सहमति बनी तो हाउस लगाकर विकास मसलों पर मंथन किया जाएगा।
- राजेंद्र शर्मा, मेयर