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Jammu News: कोटभलवाल में कचरा संयंत्र केंद्र का भूमि पूजन आज, 13 साल का 2.24 करोड़ एमटी कचरा देगा चुनौती

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आशुतोष/सतीश वालिया
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जम्मू। शहर को जल्द कचरे से मुक्ति मिलने वाली है। कोटभलवाल में हर रोज निकलने वाले अनुमानित 400 मीट्रिक टन (एमटी) कचरे के प्रतिदिन निपटान के लिए सॉलिड वेस्ट कलेक्शन एंड प्रोसेसिंग प्लांट यानी कचरा संयंत्र केंद्र लगाने की योजना तैयार हो चुकी है। प्लांट पर 165 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें नगर निगम और संबंधित कंपनी मिलकर राशि वहन करेंगे।

हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी के चेयरमैन अरुण खन्ना 12 जून को भूमि पूजन करेंगे। पीपीपी मोड पर काम होगा। प्रोजेक्ट की डेडलाइन 18 महीने तय है। अगले साल दिसंबर में कचरा संयंत्र केंद्र चालू होने की संभावना है। मगर अब सवाल यह है कि 13 साल से एकत्रित हुए लाखों मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कैसे होगा, क्योंकि प्लांट क्षमता मुताबिक रोजाना 400 मीट्रिक टन कूड़ा ही निस्तारित कर पाएगा। 2002 से 2009 तक भगवती नगर में कचरा ठिकाने लगाया जाता था, फिर कोटभलवाल में फेंका जाने लगा। इस कारण यहां कूड़े के पहाड़ बन गए।
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अगर प्रतिदिन 400 एमटी के हिसाब से 13 साल का कचरा निकालें तो 22464000 मीट्रिक टन बनता है। इतनी बड़ी मात्रा में कचरा खत्म करने के लिए प्लांट की संख्या या क्षमता बढ़ानी होगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 200 एमटी कचरे से खाद भी बनाई जाएगी। यूनिट लगने के बाद कमाई का बड़ा हिस्सा नगर निगम को मिलेगा।
बारिश में दिक्कतें, 5 किमी दूर आबादी परेशान

अस्थायी तौर पर 2019-20 में तवी और विक्रम चौक पर डंप बनाए गए थे। मुख्य डंपिंग साइट पर कूड़ा फेंकने में निगम के वाहनों को परेशानी आ रही है। बारिश में तो स्थिति और भी खराब हो रही है। कीचड़ के कारण वाहनों से कचरा ठिकाने लगा पाना मुश्किल हो जाता है। 5 किलोमीटर दूर आबादी को भी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। बदबू के कारण सांस लेना तक कठिन हो जाता है। मौजूदा स्थिति ऐसी है कि शहर में 75 डंपिंग साइट बनाई गई हैं, जहां पर हर वार्ड का कचरा गिरता है। इसके बाद नगर निगम के 96 वाहनों के माध्यम से कूड़े को कोटभलवाल में पहुंचाया जाता है।
बंधुरख में मात्र 100 एमटी क्षमता का है प्लांट

बंधुरख में भी एक प्लांट है जिसकी क्षमता 100 एमटी है। यहां अनुमानित 80 फीसदी यानी 80 मीट्रिक टन कचरा निस्तारित किया जा रहा है। इसे 2019 में बनाया गया था। शहर में वार्ड के साथ आबादी बढ़ने के बावजूद इसकी क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी। इसके चलते कोटभलवाल में नया प्लांट लगाया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि 24 घंटे में 400 टन कचरे का निपटान होगा। यानी हर रोज जितना कचरा निकलेगा, उसका उसी दिन निपटान हो सकेगा।
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सात साल पहले नहीं मिल पाया था बजट

प्लांट पर काम 2016 में शुरू होना था, पर बजट नहीं मिला। निगम की ओर से बजट की डिमांड की गई। बाद में पीपीपी मोड पर बनाने का फैसला लिया गया। सचिवालय से राशि जारी नहीं होने के कारण काम लटक गया। हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी के चेयरमैन अरुण खन्ना ने कहा कि सोमवार को भूमि पूजन किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद गंदगी से निजात मिल सकेगी। मौजूदा समय में डंपिंग साइट में कचरा खुले में फेंका जा रहा है जिससे गंदगी बढ़ गई है।
काम पूरा होने के बाद साइट में पहले और हर रोज आने वाले कचरे का निदान किया जाएगा।

- कुलभूषण सिंह, संयुक्त आयुक्त, हेल्थ विंग
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